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बाल कलाकारों ने गोटीपुआ नृत्य से जीवंत की ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत

वाराणसी (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस के बाबतपुर कैंपस में स्पीक मैके वाराणसी चैप्टर द्वारा ओडिसा के पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति का आयोजन किया गया। ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित इस कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने अपनी अद्भुत नृत्य कला, शारीरिक संतुलन, लयबद्ध मुद्राओं और भाव-भंगिमाओं से विद्यार्थियों शिक्षकों व गणमान्य अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर दसाभुजा गोटीपुआ ओडिसी नृत्य परिषद के कलाकारों ने गोटीपुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी शानदार मुद्राओं और संगीत के साथ बेहतरीन तालमेल ने दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर के जे.डी. बजाज हॉल में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को इस प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय पारंपरिक नृत्य की बारीकियों, अनुशासन तथा वर्षों की साधना से विकसित होने वाली कलात्मक दक्षता को करीब से समझने का अवसर मिला।

विद्यालय के चेयरमैन दीपक कुमार बजाज ने अपने संदेश में कहा कि भारत की समृद्ध लोककला पर हम सभी को गर्व होना चाहिए। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़े रखना हम सबकी बड़ी जिम्मेदारी है। दल का नेतृत्व बताकृष्ण दास ने किया, जिन्होंने मर्दल वादन से प्रस्तुति को विशेष लय प्रदान की। उनके साथ गायक भगवान बेहरा, बाँसुरी वादक कबिराज प्रधान और मंजीरा वादक नीलकंठ नायक ने संगीत पक्ष को सशक्त बनाया।

वहीं बाल नृत्य कलाकार सोम्यरंजन दास, अभिमन्यु नायक, लबा मरांडी, गणेश मलिक, अमीर मलिक, राहुल डे और कृष्णा जेना ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। यह सभी बच्चे 6 वर्ष से 13 वर्ष की आयु के थे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर दल के प्रमुख बालकृष्ण दास ने सहजता से देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। 

समन्वयक बताकृष्ण ने बताया कि ओडिशा के पुरी जिले के चंदनपुर स्थित सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध रघुराजपुर गाँव से जुड़ा यह दल गोटीपुआ नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गुरु पद्मश्री सम्मान से सम्मानित गुरु मागुनी दास इस प्रतिष्ठित समूह के संस्थापक रहे हैं। उनकी कला-साधना और योगदान भारतीय पारंपरिक नृत्य विरासत के संरक्षण और संवर्धन की प्रेरणादायी मिसाल हैं। कार्यक्रम का संचालन आरोही पंड्या ने किया।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक मनोज कुमार बजाज, अधिशासी निदेशक श्याम सुंदर बजाज, निदेशक अनिल के. जाजोदिया, प्रधानाचार्या सुधा सिंह, शैक्षणिक प्रबंधक नरेन्द्र पाण्डेय व शिक्षकगण उपस्थित रहे।