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10 वर्षीय आरशी गुप्ता का विश्व रिकॉर्ड, लगातार दूसरी बार बनीं नेशनल कार्टिंग चैंपियन

नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारत की सबसे कम उम्र की नेशनल कार्टिंग चैंपियन आरशी गुप्ता ने मोटरस्पोर्ट्स के इतिहास में एक और असाधारण अध्याय लिख दिया है। फरीदाबाद की इस युवा रेसर ने अपने 10वें जन्मदिन के अवसर पर, ‘एफएमएससीआई आरएमसी इंडियन नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप 2026’ की ‘मिनी मैक्स’ कैटेगरी का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह रोटैक्स मैक्स चैलेंज मिनी श्रेणी जीतने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की रेसर बन गई हैं।

इससे पहले आरशी ने 2025 में ‘माइक्रो मैक्स’ श्रेणी में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इसके साथ ही वह लगातार दो वर्षों में दो क्रमिक रोटैक्स मैक्स चैलेंज श्रेणियां जीतने वाली दुर्लभ रेसर्स में शामिल हो गई हैं।

नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के 5वें दौर की फाइनल रेस में उनकी गति और दबदबा साफ दिखाई दिया, जहां उन्होंने लगातार आठ बार सबसे तेज लैप का समय निकाला और ट्रैक का नया रिकॉर्ड कायम किया। लड़कों और लड़कियों की एक साथ होने वाली इस प्रतिस्पर्धी रेस में वह एशिया की एकमात्र महिला नेशनल कार्टिंग चैंपियन बनीं।

आरशी अब नवंबर में पुर्तगाल में आयोजित होने वाले रोटैक्स मैक्स चैलेंज ग्रैंड फाइनल 2026 में मिनी मैक्स श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत तीन श्रेणियों—मिनी मैक्स, जूनियर मैक्स और सीनियर मैक्स—में हिस्सा लेगा। आरशी मिनी मैक्स श्रेणी में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि होंगी। इस प्रतियोगिता में वह दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ युवा कार्टिंग खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करेंगी और वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

आरशी गुप्ता की इस शानदार उपलब्धि पर उनके माता-पिता डॉ. दीप्ति गुप्ता और अमित गुप्ता ने कहा, “सुबह-सवेरे का कड़ा अभ्यास, लंबी-लंबी यात्राएं और राह में आई हर अड़चन से पार पाने का जुनून, सबका हासिल आज का यह सुनहरा पल है। आरशी रेसिंग से दिल से प्यार करती है और उसके इसी जुनून को भारत के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड में बदलते देखना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है।”

भारत में आरशी के कोच रोहित खन्ना ने कहा, “जो बात आरशी के इस सफर को वास्तव में सराहनीय बनाती है, वह केवल उसके द्वारा हासिल किए गए परिणाम नहीं हैं, बल्कि उसके पीछे का समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प है। अधिक कठिन परिस्थितियों में कदम रखने और खुद को चुनौती देने की उसकी महत्वाकांक्षा एक ऐसी एथलीट की मानसिकता को दर्शाती है, जो लगातार अगले स्तर को छूने का प्रयास कर रही है।”

यह खिताब आरशी की शानदार उपलब्धियों की सूची में एक और बड़ा अध्याय जोड़ता है। आरशी ‘एफ1 अकादमी डिस्कवर योर ड्राइव’ कार्यक्रम के लिए चुनी जाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की रेसर हैं। इसके अलावा वह ‘एफआईए प्रेसिडेंट मेडल’ से सम्मानित हैं और यूएई तथा यूनाइटेड किंगडम में पोडियम (शीर्ष तीन) में स्थान हासिल कर चुकी हैं।

यूनाइटेड किंगडम में आरशी के कोच डेविड बेलचैम्बर्स ने कहा, “अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में आरशी को हराना लगभग असंभव है। उसकी उपलब्धियां और प्रगति उसकी प्रतिभा, संकल्प और कड़ी मेहनत का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं, और उसने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है, उस पर मुझे बेहद गर्व है।”

आरशी के माता-पिता ने इस खेल में लगने वाले शारीरिक व मानसिक धैर्य का जिक्र करते हुए कहा, “इन चमचमाती ट्रॉफियों के पीछे एक बेहद कठिन और कड़ा अभ्यास छिपा है। अकेले 2025 में आरशी ने ट्रैक पर 137 दिन बिताए और 29 रेस में हिस्सा लिया, जबकि 2026 में अब तक वह 140 दिन ट्रैक पर पसीना बहा चुकी हैं और 30 रेस में भाग ले चुकी हैं। उसकी तैयारी में यूएई में 5 महीने का रेसिंग और यूके में 13 सप्ताह का कड़ा अभ्यास शामिल रहा है, जिसमें कॉकपिट में लंबे घंटे गुजारना, शारीरिक फिटनेस बनाए रखना और लगातार यात्राएं करना शामिल है। यह सब कुछ उसने स्कूल की पढ़ाई के साथ संतुलन बनाते हुए किया है।” आरशी ने अब तक भारत, यूएई, यूके, श्रीलंका और फ्रांस के कुल 21 रेसिंग सर्किटों पर रेस और ट्रेनिंग की है।

डीपीएस फरीदाबाद की हेडमिस्ट्रेस बनीता सिंह ने कहा, “आरशी हमारे विद्यार्थियों के सामने यह उदाहरण प्रस्तुत करती है कि श्रेष्ठता हासिल करने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती। वह अंतरराष्ट्रीय रेसिंग के साथ-साथ अपनी पढ़ाई के बीच शानदार संतुलन बनाती है और हमेशा एक हंसमुख व जिज्ञासु छात्रा रही है। पूरे डीपीएस फरीदाबाद परिवार को आरशी पर गर्व है।”

आरशी अब और अधिक तेज कार्टिंग और बड़े अंतरराष्ट्रीय रेसिंग ग्रिड्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, ताकि वैश्विक मोटरस्पोर्ट्स के सर्वोच्च स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के अपने सपने को साकार कर सकें।