Tuesday , October 6 2026

जयकारों और संकीर्तन के बीच शुरू हुई श्री राधारमण भागवत कथा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आश्विन मास के पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्री राधारमण सेवा समिति के तत्वावधान में रविवार को डीएवी कॉलेज, पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग, ऐशबाग में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। 4 से 10 अक्टूबर तक चलने वाली कथा का वाचन वृंदावन धाम के परम पूज्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज कर रहे हैं। कथा के शुभारंभ से पूर्व विधिविधान से सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद कथा स्थल पर पहुंचे श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज का श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनके पहुंचते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कथा का शुभारंभ श्री राधारमण लाल जी के जयकारों, शंखनाद और ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम’ के संकीर्तन से हुआ। अयोध्या धाम स्थित रामजानकी मंदिर से पधारे कौशल दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं के साथ ‘ले लो, ले लो हरि का नाम, अमृत बरसेगा’ का भावपूर्ण संकीर्तन कराया और सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम में मुख्य आयोजक एवं यजमान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। कथा के प्रथम दिन श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ने इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पितृपक्ष के पावन अवसर पर कथा का आयोजन यजमानों के दिवंगत पितरों एवं पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना से किया गया है। इस दौरान श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान एवं कथा श्रवण कर रहे हैं।

कथा आयोजन में राजेंद्र कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मुन्ना भइया, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, अनुराग मिश्रा, आनंद रस्तोगी, शिवम अग्रवाल, आर.एन. सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा एवं दिव्यांशु शुक्ला (हनी) सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। वहीं सिविल डिफेन्स के स्वयंसेवकों ने भी निःस्वार्थ भाव से व्यवस्थाओं में सहयोग किया। श्रद्धालुओं के आवागमन, बैठने, सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अमरनाथ मिश्र ने बताया कि कथा के माध्यम से राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होकर श्री राधारमण लाल जी की भक्ति और कृपा प्राप्त करने का आह्वान किया।