लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा कंपनी की कन्सेशनायर एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर तीन साल की रोक लगाए जाने के बाद मंगलवार को पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (NSE: PNCINFRA) के शेयरों में इंट्राडे कारोबार के दौरान 20 प्रतिशत की गिरावट आई। इस कार्रवाई के तहत पीएनसी इंफ्राटेक अगले तीन वर्षों तक नए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)/ एनएचएआई प्रोजेक्ट्स के लिए बोली नहीं लगा सकेगी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उसके मौजूदा प्रोजेक्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि वह आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि मामले में स्थिति स्पष्ट होने के साथ किसी भी वित्तीय प्रभाव की जानकारी दी जाएगी।
हालांकि तीन साल की रोक से पीएनसी इंफ्राटेक की नए एनएचएआई/सड़क परिवहन मंत्रालय कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की क्षमता प्रभावित होगी, लेकिन कंपनी की बड़ी मौजूदा ऑर्डर बुक इससे अप्रभावित रहेगी। इसके अलावा कंपनी माइनिंग, वाटर, एयरपोर्ट, रेलवे और नहर जैसे गैर-सड़क क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रही है। सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) में शुरुआती विविधीकरण से भी पारंपरिक सड़क कारोबार से आगे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी मजबूत हुई है।
पीएनसी इंफ्राटेक वित्त वर्ष 2026 के अंत में 19,100 करोड़ रुपये की अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक के साथ बाहर निकली थी। इसका बुक-टू-बिल अनुपात करीब 4 गुना था, जिससे कई वर्षों के रेवेन्यू की दृश्यता मिलती है। मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट और कन्सेशन भविष्य में बोली लगाने पर लगी रोक से प्रभावित नहीं होते हैं। 30 जून 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 27 प्रोजेक्ट्स में 15,670 करोड़ रुपये थी। इसमें रोड्स-ईपीसी 5,148 करोड़ रुपये, रोड्स-एचएएम 3,684 करोड़ रुपये, माइनिंग 2,847 करोड़ रुपये, वाटर-जल जीवन मिशन 2,310 करोड़ रुपये, कैनाल 732 करोड़ रुपये, एयरपोर्ट 551 करोड़ रुपये और रेलवे 397 करोड़ रुपये शामिल हैं। इससे कंपनी का कारोबार एनएचएआई/सड़क परिवहन मंत्रालय के सड़क क्षेत्र से काफी हद तक विविधीकृत रहता है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में NHAI प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है।
पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनी ने सड़क कारोबार से आगे रेवेन्यू के स्रोतों में लगातार विविधता लाई है। माइनिंग क्षेत्र में पीएनसी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) से मिले 2,957 करोड़ रुपये के पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही है। कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में भी विस्तार किया है। उसे एनएचपीसी लिमिटेड से 300 मेगावाट का ISTS-कनेक्टेड सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला है, जिसके साथ 150 मेगावाट/600 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) भी जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट से वित्त वर्ष 2027 से रेवेन्यू में योगदान शुरू होने की उम्मीद है। माइनिंग और सोलर-बीईएसएस पोर्टफोलियो मिलकर पारंपरिक सड़क कारोबार से बाहर करीब 5,000 करोड़ रुपये का विविधीकरण दर्शाते हैं।
सड़क क्षेत्र में भी पीएनसी की ऑर्डर बुक केवल एनएचएआई पर निर्भर नहीं है। कंपनी के ऑर्डर कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियों में फैले हैं। इनमें महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC), बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC), विभिन्न राज्यों के लोक निर्माण विभाग, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और राज्य जल एवं सिंचाई विभाग शामिल हैं। इससे किसी एक प्राधिकरण पर कारोबार की निर्भरता कम होती है।
कंपनी वित्त वर्ष 2027 में अब तक कुल 4,259 करोड़ रुपये के पांच नए प्रोजेक्ट हासिल कर चुकी है। इनमें एनएचएआईसे मिले दो एचएएम प्रोजेक्ट—बाराबंकी-मुस्तफाबाद (1,728 करोड़ रुपये) और मुस्तफाबाद-बिस्वरिया (1,755 करोड़ रुपये)—शामिल हैं। इसके अलावा AAI से पंतनगर एयरपोर्ट के लिए 302 करोड़ रुपये का ईपीसी अवॉर्ड, लखनऊ विकास प्राधिकरण से फ्लाईओवर के लिए 194 करोड़ रुपये और गंगा रिवर ब्रिज जेवी के लिए 559 करोड़ रुपये का अवॉर्ड शामिल है।
हाल ही में पीएनसी इंफ्राटेक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 1,518 करोड़ रुपये रहा। एबिटडा 167 प्रतिशत बढ़कर 375 करोड़ रुपये हो गया। इससे एबिटडा मार्जिन करीब 1,230 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 24.7 प्रतिशत हो गया। कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा (पीएटी) 235 प्रतिशत बढ़कर 271 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत बनी हुई है। जून 2026 तक स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी अनुपात 0.15 गुना था। रेटिंग एजेंसी केयर ने कंपनी की लॉन्ग टर्म रेटिंग AA+ को स्टेबल आउटलुक के साथ और शॉर्ट टर्म रेटिंग A1+ को बरकरार रखा है। तिमाही के दौरान कुछ प्रोजेक्ट-लेवल एसपीवी की रेटिंग में भी सुधार किया गया। नेट वर्किंग कैपिटल डेज करीब 110 रहे, जो पिछली तिमाहियों के मुकाबले लगभग स्थिर हैं।
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