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कनिका ढिल्लों ने की महिला एकजुटता की पैरवी, तापसी संग ‘गांधारी’ पर भी हुई खास चर्चा

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय सिनेमा में महिला नेतृत्व, महिला-केंद्रित कहानियों और क्रिएटिव सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक खास पहल देखने को मिली। जब कथा पिक्चर्स ने डब्ल्यूआईएफ इंडिया के साथ मिलकर “वीमेन बिल्डिंग सिनेमा टुगेदर” नाम से एक खास पैनल डिस्कशन आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के बीच सहयोग, नेतृत्व और भविष्य के लिए नए अवसरों को बढ़ावा देना था।

पैनल में इंडस्ट्री की तीन दमदार आवाजें अभिनेत्री तापसी पन्नू, राइटर-प्रोड्यूसर कनिका ढिल्लों और ऑस्कर विजेता प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा कपूर एक साथ नजर आईं। चर्चा के दौरान महिला नेतृत्व, महिला-प्रधान प्रोडक्शन हाउस और इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए मजबूत और टिकाऊ क्रिएटिव नेटवर्क तैयार करने जैसे मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई।

इस दौरान कनिका ढिल्लों ने महिला क्रिएटर्स के बीच एकजुटता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “जब लोग मुझसे पूछते हैं कि इतनी कॉम्प्लेक्स, स्ट्रॉन्ग और रेयर महिला कहां से आती है, तो मैं कहती हूं कि वो मेरे आसपास ही हैं। एक सामान्य महिला सिर्फ एक डायमेंशन वाली नहीं होती, वह कोई डैमसल इन डिस्ट्रेस नहीं है और न ही उसे किसी मदद की जरूरत है। हम बहुत सक्षम हैं। इस इंडस्ट्री में एक महिला प्रोफेशनल के तौर पर आपको दूसरी महिलाओं के प्रति ज्यादा दयालु होना पड़ता है। बहुत से लोग उन्हें नीचे खींचना चाहते हैं, इसलिए आपको उन्हें सेलिब्रेट करना चाहिए।”

महिलाओं की सफलता के व्यापक प्रभाव पर बात करते हुए कनिका ने कहा, “हममें से किसी एक की जीत का महत्व जितना आप सोच सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा बड़ा है। जब गुनीत जीतती हैं, तो हममें से कई लोगों के लिए दरवाजे खुलते हैं। जब तापसी की फिल्म अच्छा कर रही होती है और वह ‘गांधारी’ जैसी फिल्म बना रही हैं, तो दरवाजे खुल रहे हैं। क्योंकि हम एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने महिला एकजुटता को लेकर कहा, “जब आप किसी को किसी महिला को नीचा दिखाते हुए सुनते हैं, तो आपको उसके लिए खड़ा होना चाहिए। यह इस बारे में नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत। हमें एक-दूसरे का साथ देते रहना होगा, क्योंकि अवसर बहुत ज्यादा नहीं हैं। पूरा सिस्टम आपके खिलाफ है। हम एक सदी से पितृसत्ता के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो उसके सामने यह सिस्टम क्या है?”

शाम में कई जाने-माने कलाकार और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स भी शामिल हुए, जिनमें संजना सांघी, प्रज्ञा जायसवाल, हरलीन सेठी, डायरेक्टर आशिमा और प्रियंका घोष समेत कई अन्य नाम शामिल थे। पैनल के बाद एक इंटरैक्टिव नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किया गया।

महिला-केंद्रित कहानियों को लगातार आगे बढ़ा रही हैं कनिका

राइटर-प्रोड्यूसर कनिका ढिल्लों पिछले कुछ वर्षों में अपनी कहानियों के जरिए महिला किरदारों को एक नई पहचान देने के लिए जानी जाती हैं। मनमर्जियां, केदारनाथ, जजमेंटल है क्या, हसीन दिलरुबा, रश्मि रॉकेट, रक्षा बंधन, डंकी, फिर आई हसीन दिलरुबा और दो पत्ती जैसे प्रोजेक्ट्स में उन्होंने अलग-अलग तरह के मजबूत और लेयर्ड किरदारों व कहानियों को सामने रखा है।

बतौर प्रोड्यूसर भी कनिका ने कथा पिक्चर्स के जरिए अपनी क्रिएटिव विजन को आगे बढ़ाया है। फिर आई हसीन दिलरुबा के बाद दो पत्ती ने उनकी प्रोड्यूसर के तौर पर पहचान को और मजबूत किया। अब उनकी अगली फिल्म ‘गांधारी’ महिला-केंद्रित कहानी को एक्शन के नए स्पेस में लेकर जा रही है।

‘गांधारी’ में फिर साथ आएंगी कनिका और तापसी

कनिका ढिल्लों और तापसी पन्नू की चर्चित क्रिएटिव पार्टनरशिप भी इस चर्चा का अहम हिस्सा रही। दोनों की जोड़ी मनमर्जियां, हसीन दिलरुबा, रश्मि रॉकेट, डंकी और फिर आई हसीन दिलरुबा के बाद अब ‘गांधारी’ में छठी बार साथ काम कर रही है।

देवाशीष मखीजा के निर्देशन में बनी गांधारी में कनिका ढिल्लों राइटर और प्रोड्यूसर की भूमिका में हैं, जबकि तापसी पन्नू लीड रोल में नजर आएंगी। इश्वाक सिंह भी फिल्म का हिस्सा हैं। यह हाई-ऑक्टेन इमोशनल एक्शन ड्रामा एक ऐसी मां की कहानी है, जो अपने बच्चे की रक्षा के लिए हर हद पार करने को तैयार है।