अयोध्या (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के रसूलपुर लिलहा निवासी बृजेश कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां सावित्री देवी बेटे का शव देखते ही बेसुध हो गईं। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए।
बताया गया कि बृजेश कुमार अप्रैल 2025 में रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब के रियाद गए थे। वहां वह काम कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग कर रहे थे। इसी बीच 22 जुलाई 2026 की रात अचानक उनकी मौत हो गई। विदेश में अचानक हुई इस घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बृजेश की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या उनका पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन शव को सऊदी अरब से भारत लाने की प्रक्रिया और उससे जुड़े खर्च का इंतजाम करने में खुद को असमर्थ पा रहे थे। ऐसे मुश्किल समय में परिवार ने मदद की गुहार लगाई।

मामले की जानकारी मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान को हुई तो उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। विधायक ने भारतीय विदेश मंत्रालय तथा संबंधित उच्च अधिकारियों से संपर्क कर बृजेश के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग और समन्वय किया। मामले की पैरवी किए जाने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद बृजेश का पार्थिव शरीर भारत लाया गया और बुधवार को उनके पैतृक गांव रसूलपुर लिलहा पहुंचाया गया।
परिजनों के मुताबिक, बेटे की अंतिम इच्छा और परिवार की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में ही किया गया। ग्रामीणों ने भी विधायक के प्रयास की सराहना करते हुए शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विदेश में रोजी-रोटी कमाने गए युवक की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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