लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डाॅ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के इनोवेशन हब के कलाम पेटेंट सेंटर की ओर से कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में इंटलेक्चुअल प्राॅपर्टी राइट्स (आईपीआर) पर शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में आईपीआर के विभिन्न पहलुओं के बारे में विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी कंट्रोलर ऑफ पेटेंट्स एंड डिजाइन्स डाॅ0 रोहित राठौर ने आईपीआर के बारे में विस्तार से बताया। पेटेंट फाइल करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी, साथ ही डेमो भी दिया। इस दौरान पेटेंट फाइल करने के दौरान होने वाली गलतियों और उससे बचने के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी चूक से पेटेंट फाइल में दिक्कत आ सकती है। इसलिए पूरी सावधानी से पेटेंट फाइल करना चाहिए। ताकि किसी भी समस्या से बचा जा सके।
सीएसआईआर, सीडीआरआई के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डाॅ0 नशीम ए सिद्दीकी ने टेक्नाॅलजी ट्रांसफर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे टेक्नोलाॅजी ट्रांसफर किया जा सकता है। डाॅ0 पुरदेंदु पाण्डेय ने नवाचार में अकादमिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। आईपीआर पर तकनीकी सत्र भी हुए। साथ ही पैनल डिस्कशन में स्टार्टअप के लिए आईपीआर नीति पर विशेषज्ञों ने अपनी राय दी।
वहीं निदेशक इनोवेशन हब एवं वित्त अधिकारी केशव सिंह ने कहा कि किसी भी आइडिया या प्रोडक्ट का पेटेंट फाइल सबसे जरूरी है। विषय स्थापना एसो0 डीन इनोवेशन डाॅ0 अनुज कुमार शर्मा ने किया। संचालन इनोवेशन हब की सीआईओ वंदना शर्मा ने किया। इस मौके पर सीडीआरआई के वैज्ञानिक डाॅ वरूण कुशवाहा, अनुराग चैबे सहित स्टार्टअप, शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal