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रितेश-फराह की जोड़ी ने जीता दिल, ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ को मिली रिकॉर्ड व्यूअरशिप

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नेटफ्लिक्स का हाई-स्टेक्स अनस्क्रिप्टेड फॉर्मेट ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ शो इन दिनों भारत के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले कैप्टिव रियलिटी शोज़ में से एक बन गया है। सिर्फ तीन हफ्तों में इसे 50 मिलियन घंटे से ज्यादा देखा जा चुका है। शो शुरू होने के बाद से दर्शकों का रिस्पॉन्स जबरदस्त रहा है। शुरुआत में यह शो हफ्ते में पांच दिन आता था, लेकिन पहले ही हफ्ते दर्शकों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद नेटफ्लिक्स ने इसे हफ्ते में छह दिन दिखाना शुरू कर दिया। अब ग्रैंड फिनाले तक यह शो हफ्ते के सातों दिन प्रसारित किया जा रहा है। ऐसे में शो के आखिरी दौर में दर्शकों को लगातार ड्रामा, नए ट्विस्ट और चौंकाने वाले खुलासे देखने को मिल रहे हैं।

नेटफ्लिक्स और बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का कैप्टिव शो ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ रियलिटी शो की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुका है। यह अब सिर्फ एक शो नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पहचान बन चुका है या यू कहें कि लोगों के बीच एक बड़ा और खास चर्चा का विषय बन गया है। इस शो की सबसे खास बातों में से एक जेलर्स रितेश देशमुख और फराह खान की शानदार जोड़ी है।

फराह खान ने बताया कि “सब जानते हैं कि मुझे रियलिटी टीवी बहुत पसंद है। इसलिए जब मैं कहती हूं कि ‘लॉक अप’ अब तक का सबसे अच्छा कैप्टिव रियलिटी शो है, तो मैं सच में ऐसा मानती हूं। आजकल मैं जहां भी जाती हूं, लोग मुझसे ‘लॉक अप’ के बारे में बात करते हैं। मेरे इंडस्ट्री के दोस्त हों, एयरपोर्ट पर मिलने वाले लोग, शूटिंग पर मिलने वाले लोग या सड़क पर मिलने वाले फैंस हर कोई इस शो को पसंद करता है। यह शो लोगों के बीच बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गया है। एकता और नेटफ्लिक्स ने रितेश और मुझे इस शो में लोगों की सच्ची बातें, भावनाएं और अनोखे रिश्ते देखने का मौका दिया। ‘लॉक अप’ सिर्फ लड़ाई-झगड़े वाला शो नहीं है। इसमें लोग खुद को समझते हैं और बदलते भी हैं। इस शो में लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं और अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। नेटफ्लिक्स का शुक्रिया, जिसने मुझे मेरा पसंदीदा काम करने का मौका दिया। ‘लॉक अप’ को होस्ट करना मेरे लिए हमेशा खास और कभी न भूलने वाला रहेगा।”

रितेश देशमुख ने कहा कि, “दर्शकों ने शो को बहुत पसंद किया है। ‘लॉक अप’ को 50 मिलियन घंटे देखा गया है। जिससे पता चलता है कि लोग इस शो से कितने जुड़े हुए हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि एक भारतीय रियलिटी शो को देश के साथ-साथ दुनियाभर के लोग भी पसंद कर रहे हैं। इस सफर से मुझे यह समझ आया कि हम किसी इंसान को पहली नजर में पूरी तरह नहीं समझ सकते। कई बार मुश्किल हालात में किसी की असली ताकत सामने आती है। वहीं, जब कोई अपनी कमजोरियां और दिल की बातें दूसरों के साथ साझा करता है, तो लोगों की उसके बारे में सोच भी बदल सकती है। इसलिए किसी को सिर्फ पहली नजर में देखकर उसके बारे में राय नहीं बनानी चाहिए। मेरे लिए यह अनुभव बहुत सीखने वाला और भावुक रहा है। कंटेस्टेंट्स को अपनी बातें खुलकर बताते, अपने डर का सामना करते और अपने जीवन की ऐसी बातें साझा करते देखना, जिन्हें उन्होंने पहले किसी से नहीं कहा था, मेरे लिए बहुत भावुक पल थे। मुझे खुशी है कि ‘लॉक अप’ ने ऐसे मुद्दों पर भी बात शुरू की, जिनके बारे में लोग आमतौर पर बात करने से बचते हैं। असली भावनाओं को बनावटी तरीके से नहीं दिखाया जा सकता और शायद यही वजह है कि यह शो इतने लोगों को पसंद आया। मैं नेटफ्लिक्स और बालाजी की पूरी टीम को दिल से बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने रियलिटी शो में कुछ नया करने की कोशिश जारी रखी और ऐसा शो बनाया, जिसने दर्शकों के दिलों दिमाग पर गहरा असर डाला है।”

‘लॉक अप: सच या सज़ा’ को बड़ी संख्या में दर्शक पसंद कर रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि नेटफ्लिक्स के भारतीय ओरिजिनल शो दुनियाभर में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। अपने अलग अंदाज, दिलचस्प कंटेस्टेंट्स और लोगों के बीच चर्चा शुरू करने की खास क्षमता के कारण, ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ भारत के सबसे खास और चर्चित रियलिटी शो में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। यह शो आने वाले समय में बनने वाले भारतीय रियलिटी और नॉन-फिक्शन शो के लिए एक मिसाल बन गया है।