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IDFC BANK : पहली तिमाही में ₹1,075 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के अपने गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों का ऐलान किया। बैंक ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 1,075 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया। यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 463 करोड़ रुपए के मुकाबले 132.4% अधिक है।

30 जून, 2026 तक कुल ग्राहक कारोबार बढ़कर 6,04,776 करोड़ रुपए हो गया, जो 30 जून, 2025 तक 5,10,031 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर 18.6% की बढ़ोतरी है। तिमाही आधार पर इसमें 5.2% की बढ़ोतरी हुई।

30 जून, 2026 तक लोन और एडवांस बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपए हो गए, जो 30 जून, 2025 तक 2,53,233 करोड़ रुपए थे। यह सालाना आधार पर 20.6% की बढ़ोतरी है। तिमाही आधार पर इसमें 5.2% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मॉर्गेज, वाहन, कॉर्पोरेट लोन और कंज्यूमर लोन से हुई।

रिटेल, एग्री और एमएसएमई (रैम) पोर्टफोलियो 30 जून, 2026 तक बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए हो गया, जो 30 जून, 2025 तक 2,03,954 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर 18.2% की बढ़ोतरी है। तिमाही आधार पर इसमें 3.8% की बढ़ोतरी हुई।

होलसेल पोर्टफोलियो 30 जून, 2026 तक बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए हो गया, जो 30 जून, 2025 तक 49,279 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर 30.4% की बढ़ोतरी है। तिमाही आधार पर इसमें 11.0% की बढ़ोतरी हुई।

नतीजों पर टिप्पणी करते हुए, एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा, “हमारा मुख्य फोकस बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ एक मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाला बैंक बनाना है। हमारे कारोबार की रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। हमारा ग्रॉस एनपीए 1.51% और नेट एनपीए 0.44% पर आ गया है। लोन के मुकाबले हमारे प्रावधान लगातार कम हो रहे हैं। इस तिमाही में हमें सीजीएफएमयू के तहत 515 करोड़ रुपये का क्लेम मिला। साथ ही, मानसून या ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी संभावित परिस्थितियों को देखते हुए हमने एहतियात के तौर पर 515 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया है। हमें भरोसा है कि बैंक को मजबूत बनाने के लिए किए गए निवेश का फायदा अब दिखने लगा है। इसी का असर है कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में हमारा पीएटी बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, आरओए भी 1% के स्तर को पार कर गया है।”