लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। टैगोर मार्ग डालीगंज में स्थित प्रतिष्ठित एवं पौराणिक श्री बंदी माता मंदिर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 44वें वार्षिक उत्सव का आयोजन 27 जुलाई से 2 अगस्त तक श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया जाएगा। सप्ताह भर चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में कलश यात्रा, क्षेत्र भ्रमण, सप्त चंडी महायज्ञ, भागवत कथा, भजन संध्या तथा रासलीला सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
क्षेत्रीय पार्षद रंजीत सिंह ने बताया कि उत्सव का शुभारंभ 27 जुलाई को सुबह 9 बजे श्री बंदी माता के क्षेत्र भ्रमण एवं भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा श्री बंदी माता मंदिर से प्रारंभ होकर अयोध्या मार्ग, डालीगंज पुल, टैगोर मार्ग, मनकामेश्वर मंदिर, लम्बेश्वर मंदिर, जोशी टोला चौराहा और महर्षि वाल्मीकि आशीर्वाद मंडपम होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचकर सम्पन्न होगी।
इसके बाद दोपहर 1 बजे से मंदिर परिसर में नैमिषारण्य से पधारे विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में सप्त चंडी महायज्ञ का शुभारंभ होगा। सायंकाल 5 बजे वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथावाचक रोली शास्त्री व्यास पूजन के साथ धार्मिक कथा का शुभारंभ करेंगी।
सायंकाल 7 बजे भजन गायक राकेश लक्खा अपनी भजन संध्या से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगे। वहीं रात्रि 9 बजे वृंदावन के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित रासलीला का भव्य मंचन प्रस्तुत किया जाएगा।
श्री बंदी माता मंदिर के महंत मनोहर पुरी जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य लाभ प्राप्त करने और उत्सव को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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