नई दिल्ली : राज्यसभा में गुरुवार को पेपर लीक मामले को लेकर हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने बहस के लिए शर्तें रख दी हैं।रिजिजू ने कहा कि सरकार और सभी दल नीट पर लीक मामले पर चर्चा के लिए सहमत थे, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस ने चर्चा से पहले शर्तें रखीं। किरेन रिजिजू ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस पर कोई शर्त नहीं रखी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकार दोनों सदनों में बिना राजनीतिकरण किए इस मुद्दे पर चर्चा चाहती है। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की बात कही गई है।रिजिजू ने कहा कि सदन में कि सभापति चर्चा का समय तय करें। हम आज ही चर्चा के लिए तैयार हैं।इस पर जवाब देते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री का आज का बयान “उकसाने वाला” है। उन्होंने कांग्रेस का रुख दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निष्पक्ष चर्चा के लिए इस्तीफा देना चाहिए। इस पर सदन में जोरदार हंगामे होने लगा जिसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
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