मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एक दर्दनाक हादसा, ज़िंदगी बदल देने वाला राज़ और सात साल का लीप, जो सब कुछ बदल कर रख देगा। स्टार प्लस का लोकप्रिय शो ‘उड़ने की आशा’ अब अपनी कहानी के सबसे भावनात्मक मोड़ में प्रवेश करने जा रहा है।
सायली और रोशनी की प्रेग्नेंसी के दौरान एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण जन्म के समय बच्चों की अदला-बदली हो जाती है। सायली और सचिन को लगता है कि उनका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि उन्हें यह नहीं पता कि उनका बेटा ज़िंदा है और रोशनी व तेजस उसे अपना बेटा बनाकर पाल रहे हैं। मजबूरी में सचिन और सायली अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ जाते हैं।
सात साल बाद दोनों गणपतिपुले में अपनी बेटी पूर्णा के साथ नई ज़िंदगी बसा चुके हैं। लेकिन, जैसे-जैसे कहानी बच्चों के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है, पुराने राज़ और छिपे हुए सच सामने आने लगते हैं। प्यार, बिछड़न, परिवार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा यह नया अध्याय दर्शकों को बाँधे रखेगा। 15 जुलाई से देखिए किस्मत सचिन और सायली के लिए आगे क्या लेकर आती है।

आने वाले ट्रैक के बारे में बात करते हुए, नेहा हरसोरा ने कहा, “जब मैंने पहली बार इस लीप के बारे में सुना, तो मैं सच में भावुक हो गई, क्योंकि इसने मुझे एहसास दिलाया कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित होती है। हम सभी अपनी ज़िंदगी के लिए कुछ सपने देखते हैं, लेकिन कई बार किस्मत कुछ और ही तय कर चुकी होती है। सायली की सात साल बाद की कहानी पढ़ते हुए मुझे यही महसूस हुआ। एक तरफ मैं बहुत उत्साहित थी, क्योंकि हर कलाकार अपने किरदार के नए सफर को निभाने का इंतज़ार करता है। लेकिन, दूसरी तरफ मैं बार-बार सोच रही थी कि सायली ने अपनी ज़िंदगी में कितना कुछ सहा है और फिर भी आगे बढ़ने की ताकत कैसे जुटाई।”

उन्होंने कहा, “इन दृश्यों की शूटिंग के दौरान कई पल ऐसे थे, जो कैमरा बंद होने के बाद भी मेरे साथ रहे, क्योंकि हर भावना बहुत सच्ची लग रही थी। सेट पर बच्चे मुझे अपना बचपन याद दिलाते हैं, जिसमें उनकी मस्ती, उनकी शरारतें और मेरे बचपन की तरह खूबसूरत पल शामिल होते हैं। यह नया ट्रैक भावनाओं से भरा है, अप्रत्याशित है और दर्शकों को सायली का एक बिल्कुल नया रूप देखने को मिलेगा। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ कि दर्शक इस नए सफर का हिस्सा बनें।”
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