ग्वालियर के बाद शिवपुरी बनेगा रक्षा नवाचार का नया केंद्र : जीत अदाणी

शिवपुरी (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने रविवार को शिवपुरी में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के मिसाइल इकोसिस्टम की आधारशिला रखे जाने के अवसर पर कहा कि यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली ऐसी निजी क्षेत्र की अत्याधुनिक सुविधा होगी, जहां कच्चे माल से लेकर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार मिसाइलों के निर्माण तक की संपूर्ण प्रक्रिया एक ही परिसर में संचालित होगी।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में जीत अदाणी ने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल है और यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहयोग तथा राज्य सरकार की उद्योग, बुनियादी ढांचे और रोजगार पर केंद्रित नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह को इस विकास यात्रा का सहभागी बनने पर गर्व है।

उन्होंने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मध्य प्रदेश में हाइड्रो पम्प्ड स्टोरेज, सीमेंट, माइनिंग, स्मार्ट मीटर और थर्मल एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इस निवेश से वर्ष 2030 तक लगभग 1.20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

जीत अदाणी ने कहा कि समूह कटनी जिले के अमेथा और काइमोर संयंत्रों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुका है। वर्तमान में अदाणी पावर राज्य को 1,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रही है, जबकि 5,600 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित की जा रही है। इसके अलावा धार, रतलाम, उज्जैन और लाहौरी में पवन ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य जारी है तथा जल्द ही उज्जैन में नए सीमेंट संयंत्र की आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में 1,060 करोड़ रुपये की लागत से गुना सीमेंट यूनिट की आधारशिला रखी गई है, जो जिले के इतिहास का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश है।

उन्होंने कहा कि ये निवेश केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के लोगों, युवाओं और राज्य के उज्ज्वल भविष्य में निवेश हैं। साथ ही ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर स्थित इकाई में लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल और कार्बाइन का निर्माण किया जा रहा है तथा एलएमजी परियोजना के तहत अब तक 2,000 इकाइयां निर्धारित समय से 11 महीने पहले सशस्त्र बलों को सौंपी जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि अब शिवपुरी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में अगला बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के निर्माण के लिए एक पूरी तरह एकीकृत मिसाइल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत होगी।

जीत अदाणी ने बताया कि परियोजना केवल मिसाइल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां कंपोजिट प्रोपेलेंट, टीएनटी और विस्फोटक ग्रेड सामग्री का भी उत्पादन किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से यह अत्याधुनिक परिसर तैयार होगा, जिससे करीब 5,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही 50 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इस विशेष रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश को रक्षा नवाचार और आधुनिक रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाएंगे तथा भविष्य में भारत के आसमान की सुरक्षा करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियां भारतीय धरती पर, भारतीय तकनीक और भारतीय हाथों से तैयार होंगी।