लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रक्तदान को मिशन, मानवता को धर्म और सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने वाले बलरामपुर जनपद के समाजसेवी एवं “ब्लडमैन” के नाम से विख्यात आलोक अग्रवाल ने एक बार फिर बलरामपुर का मान बढ़ाया है। वर्षों से निःस्वार्थ भाव से चलाए जा रहे उनके रक्तदान अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली। लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें एक ही मंच पर चार प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया।
बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित संवेदना-2 नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड समारोह में आलोक अग्रवाल को रक्तदान जागरूकता, विशाल रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन तथा जरूरतमंदों के जीवन बचाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. बबिता सिंह चौहान (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग) एवं वैश्य नटवर गोयल (राज्यमंत्री, उ० प्र० लघु उद्योग निगम लि०) के कर कमलों से नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) द्वारा प्रतिष्ठित वर्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड के दो अवार्ड, एक रक्तदान शिविर और दूसरा उत्तर प्रदेश में संवेदना 2 अभियान के को – आर्डिनेटर का और इसी तरह 2 सोशल इम्पैक्ट अवार्ड भी प्रदान किए गए हैं।
इसके साथ ही रक्तदान के क्षेत्र में पिछले एक दशक से अधिक समय से किए जा रहे उनके असाधारण योगदान, समर्पण और जनजागरण अभियान को देखते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। एक ही मंच पर मिले इन चार सम्मानों ने समारोह में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और बलरामपुर के लिए गौरव का क्षण बना दिया।

इसी दिन लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 321B1 द्वारा अपने डिस्ट्रिक्ट अवार्ड समारोह “कमलात्मिका” में वर्षभर रक्तदान सेवा एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आलोक अग्रवाल को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति के कारण यह सम्मान क्लब के अन्य उपस्थित सदस्यों द्वारा प्राप्त किया गया। इस प्रकार एक ही दिन में आलोक अग्रवाल की सेवाओं को पांच प्रतिष्ठित सम्मान पत्रों से अलंकृत किया गया, जो रक्तदान के प्रति उनके समर्पण और समाज में उनकी विशिष्ट पहचान का प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि आलोक अग्रवाल ने अब तक स्वयं 40 बार होल ब्लड डोनेशन किया है। वह केवल रक्तदान शिविरों के आयोजक भर नहीं हैं, बल्कि उन्होंने रक्तदान को एक जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में आयोजित अर्धशतक से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है। उनके प्रयासों से असंख्य मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हुआ और कई परिवारों के चेहरे पर उम्मीद की मुस्कान लौट सकी।
रक्तदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए उन्होंने गांव से लेकर शहर तक लगातार अभियान चलाए हैं। यही कारण है कि आज वे केवल बलरामपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के रक्तदान आंदोलन का एक सशक्त और प्रेरणादायी चेहरा बन चुके हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद आलोक अग्रवाल ने अपनी इस उपलब्धि को सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों, टेक्नीशियनों, काउंसलरों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वयंसेवकों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन हजारों अनाम रक्तवीरों का सम्मान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को जीवनदान देने के लिए नि:स्वार्थ भाव से आगे आते हैं।
उन्होंने कहा, रक्तदान केवल रक्त की कुछ बूंदें देना नहीं है, बल्कि किसी की बुझती उम्मीदों में जीवन की लौ जलाना है। यदि रक्तदाता आगे न आएं तो अनेक परिवार अपने प्रियजनों को खो सकते हैं।
आलोक अग्रवाल की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की सेवा, समर्पण, संघर्ष और मानवता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सार्वजनिक स्वीकृति है। जनपद के सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
एक दशक की तपस्या, हजारों जिंदगियों की मुस्कान और मानवता के लिए समर्पित सेवाओं का यह सम्मान आज पूरे बलरामपुर के लिए गर्व, प्रेरणा और सम्मान का विषय बन गया है।
उनकी खुशी तब और बढ़ गई जब कार्यक्रम के मध्य में ही उनको फ़ोन पर जानकारी दी गई कि आगामी 30 जून को बलरामपुर आदर्श नगर पालिका परिषद द्वारा 155वें स्थापना दिवस समारोह में भी उनको विशेष सम्मान दिया जाएगा। जिसके लिए चेयरमैन धीरू सिंह ने स्वयं उनको फ़ोन पर व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया और उनको बधाई दी।
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