केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा, नागपुर में विकास परियोजनाओं, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोरनागपुर : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर शहर और जिले को ‘हरित शहर’ के रूप में विकसित करने के लिए 25 लाख वृक्षारोपण का एक महत्वाकांक्षी संकल्प घोषित किया है। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत स्कूलों, विश्वविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक समूहों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और संरक्षण अभियान चलाया जाएगा।केंद्र सरकार के 12 वर्षों की कार्य उपलब्धियों के अवसर पर शनिवार को यहां एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में गडकरी ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि नागपुर स्थित रिमोट सेंसिंग सेंटर के माध्यम से राजस्व और वन विभाग के सहयोग से राज्य के सभी जिलों और तालुकों का मैपिंग किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण हुआ है, उनकी जानकारी एकत्र कर उनका सम्मान किया जाएगा। इस दौरान महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के 60 करोड़ लाभार्थी हैं, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ गैस कनेक्शन वितरित किए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से 11 करोड़ किसानों को वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।रोजगार सृजन के क्षेत्र में मुद्रा योजना के तहत 57 करोड़ लाभार्थियों को लगभग 35 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है, जिससे छोटे उद्यमियों और पथ विक्रेताओं को लाभ हुआ है। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत 1.6 लाख स्टार्टअप और 118 यूनिकॉर्न बने हैं, जबकि स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत 5 करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।नागपुर के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए गडकरी ने शहर के प्रमुख बाजारों के आधुनिकीकरण के लिए चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें कॉटन मार्केट पुनर्विकास परियोजना (चरण 1 और 2), इतवारी बाजार, दही बाजार, संत्रा मार्केट, नेताजी मार्केट, कमाल चौक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बुधवार बाजार, महाल पुनर्विकास परियोजना और सक्करदरा बुधवार बाजार पुनर्विकास परियोजना शामिल हैं।इसके अलावा दाभा स्थित एग्रो कन्वेंशन सेंटर, सोक्ता भवन पुनर्विकास, मोर भवन और गणेशपेठ बस स्टैंड पुनर्विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी चल रही हैं। नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण का कार्य जारी है और तीसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है।नागपुर में ऑक्सीजन पार्क, बर्ड पार्क, एम्स, आयआयएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, ट्रिपल आईटी, बुटीबोरी स्थित कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल, बौद्ध सर्किट योजना, दीक्षाभूमि पुनर्विकास परियोजना, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया केंद्र और मदर डेयरी परियोजना जैसी विभिन्न विकास योजनाओं की भी जानकारी दी गई।सड़क विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन पर जोर देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना शुरू की है। जनवरी 2025 में घोषित नीति के अनुसार देशभर में 1600 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से 24 केंद्र शुरू हो चुके हैं और 112 केंद्रों पर कार्य जारी है। अब तक 10 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सभी केंद्रों के पूरी तरह कार्यान्वित होने पर हर वर्ष लगभग 1.15 करोड़ लोगों को वाहन चालक प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।इस बीच प्रस्तावित नागपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस वे से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा। साथ ही नागपुर में इंदोरा–दिघोरी फ्लाईओवर का कार्य अंतिम चरण में है और इसे 01 अगस्त 2026 तक यातायात के लिए खोलने की जानकारी भी दी गई ।
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