नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली गार्डन सिटी (आरसीडीजीसी) ने एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ मिलकर मई 2023 में नई दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में एक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया था। इस पहल का उद्देश्य वंचित युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान करना, आजीविका के अवसर बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करना है।
पिछले तीन वर्षों में इस सेंटर में 12वीं पास 199 युवाओं का नामांकन हुआ। इनमें से 126 छात्रों ने सफलतापूर्वक ट्रेनिंग पूरी की, जबकि 13 छात्र अभी भी ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी करने वाले छात्रों में से 97 को एनसीआर क्षेत्र की प्रतिष्ठित बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेस और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) सेक्टर की कंपनियों में रोजगार मिला।
इस कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि इसने छात्रों को सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपनी रुचि और सपनों के अनुरूप करियर चुनने के लिए भी प्रेरित किया। करीब 30 छात्रों ने टीचिंग, मेहंदी आर्टिस्ट, ग्राफिक डिजाइनिंग और अपना बिजनेस शुरू करने जैसे क्षेत्रों को चुना और आज वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
कौशल विकास कार्यक्रम के परिणामों से यह बात स्पष्ट है कि तकनीकी और प्रोफेशनल स्किल्स के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। इससे वे अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचानकर अपने पसंदीदा करियर की दिशा में आगे बढ़ पाते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, कौशल विकास कार्यक्रम में तकनीकी और कार्यात्मक कौशल, एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, डिजिटल लिटरेसी और लाइफ स्किल्स डेवलपमेंट को शामिल किया गया। इसके तहत करियर एजआईटी, बीएफएसआई, इंग्लिश एवं प्रेजेंटेशन स्किल्स, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग से जुड़े मॉड्यूल संचालित किए गए। इनकी मदद से प्रतिभागियों को न केवल वर्कप्लेस के लिए तैयार किया गया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने के लिए भी सक्षम बनाया गया।
क्लासरूम लर्निंग के अलावा प्रतिभागियों ने करियर गाइडेंस सेशंस, मॉक इंटरव्यू, एआई वर्कशॉप्स, साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेशंस और इंडस्ट्री विजिट्स में भी भाग लिया। ये 400 घंटे का वेल-डिज़ाइन्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम छात्रों के डिजिटल, प्रोफेशनल और लाइफ स्किल्स को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस पहल में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। कुल सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में 58 प्रतिशत महिलाएँ थीं, जबकि प्लेसमेंट पाने वालों में उनकी हिस्सेदारी 73 प्रतिशत से अधिक रही। ये आँकड़ें महिलाओं के लिए अवसरों तक पहुँच बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करने में कौशल विकास कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं।
मौसमी की कहानी इस कौशल विकास कार्यक्रम के प्रभाव को बखूबी दर्शाती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (डीयू एसओएल) की छात्रा मौसमी ने घर की आर्थिक चुनौतियों के बीच करियर एज आईटी प्रोफेशनल प्रोग्राम में दाखिला लिया। ट्रेनिंग, मेंटरशिप और एम्प्लॉयबिलिटी सपोर्ट की मदद से उन्होंने वर्कप्लेस और कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित कीं, जिससे उन्हें नौकरी हासिल करने में मदद मिली।
मौसमी के लिए यह अवसर सिर्फ एक नौकरी नहीं था, बल्कि उनके और उनके परिवार के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। उनकी सफलता की कहानी ने अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया। बाद में उन्होंने अपनी कंपनी में रोजगार के अवसरों के लिए और लर्निंग सेंटर से जुड़ने के लिए अन्य छात्रों को भी प्रोत्साहित किया। इस तरह उन्होंने अपने समुदाय में कौशल विकास कार्यक्रम की पहुँच और प्रभाव को और मजबूत बनाने में योगदान दिया।
मौसमी कहती हैं, “इस कार्यक्रम ने मुझे आत्मविश्वास, प्रोफेशनल स्किल्स और बेहतर भविष्य की उम्मीद दी। अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने में सक्षम होना मेरे लिए जीवन बदल देने वाला अनुभव रहा है।”
रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली गार्डन सिटी के अध्यक्ष रोटेरियन प्रमोद ग्रोवर ने कहा, “हमारा मानना है कि समाज के वंचित वर्गों को आर्थिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाकर ही सार्थक और स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ हमारी साझेदारी के माध्यम से हम युवाओं, विशेषकर महिलाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि वे अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।”
एनआईआईटी फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर डॉ. चारु कपूर ने कहा, “यह पहल वंचित युवाओं के लिए कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की हमारी साझा सोच को दर्शाती है। तकनीकी ट्रेनिंग के अलावा, इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, उनकी एम्प्लॉयबिलिटी मजबूत करने और उन्हें बेहतर करियर के लिए तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया है।”
कौशल विकास सेंटर यह प्रदर्शित करता है कि कम्युनिटी-बेस्ड पार्टनरशिप्स किस तरह स्थायी और सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। स्किल डेवलपमेंट, व्यक्तित्व विकास, मेंटरशिप और अवसरों तक पहुँच को एक साथ जोड़कर यह पहल वंचित युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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