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छोटे ग्राहकों के भरोसे पर उज्जीवन बैंक की तेज़ रफ्तार, हर मोर्चे पर मजबूत नतीजे

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जब बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज़ हो रही है, ऐसे समय में सिर्फ तेज़ी से बढ़ना ही काफी नहीं माना जाता, बल्कि भरोसेमंद एसेट क्वालिटी, मजबूत डिपॉजिट बेस और संतुलित लोन बुक बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में इसी संतुलन के साथ मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक ने एक ओर रिकॉर्ड डिस्बर्समेंट हासिल किया, तो दूसरी ओर मुनाफे और सिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की ग्रॉस लोन बुक 26.6% सालाना वृद्धि के साथ 40,655 करोड़ रुपए तक पहुँच गई। इस दौरान बैंक ने अब तक का सबसे अधिक तिमाही डिस्बर्समेंट 9,811 करोड़ रुपए दर्ज किया। वहीं, चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 238.2% बढ़कर 282 करोड़ रुपए रहा।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी एवं सीईओ संजीव नौटियाल ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है और आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 27 में इसके 6.9% की दर से बढ़ने का अनुमान है। मजबूत घरेलू आधार, सरकार की पहल और पर्याप्त लिक्विडिटी इस वृद्धि को समर्थन दे रहे हैं। हालाँकि, पश्चिम एशिया संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में रुकावट और सुपर एल नीनो जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियाँ महँगाई को बढ़ावा देकर जोखिम पैदा कर सकती हैं।”

उन्होंने बताया कि बैंक के डिपॉजिट्स 21.4% की वृद्धि के साथ 45,668 करोड़ रुपए तक पहुँच गए, जबकि सीएएसए अनुपात बढ़कर 28.6% हो गया। सिक्योर्ड लोन बुक 43.5% बढ़कर 20,079 करोड़ रुपए रही, जिससे कुल लोन बुक में इसकी हिस्सेदारी 49.4% तक पहुँच गई।

उन्होंने बताया कि गोल्ड, व्हीकल और एग्री लोन जैसे नए बिजनेस सेगमेंट्स में भी तेज़ विस्तार हुआ है। साथ ही बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा और मार्च 2026 तक जीएनपीए और एनएनपीए घटकर क्रमशः 2.27% और 0.43% पर आ गए।