नई दिल्ली : विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने मंगलवार को कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध अब एक निर्णायक और परिवर्तनकारी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संबंध सदियों पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और औपनिवेशिक संघर्ष के साझा इतिहास पर आधारित हैं। उन्होंने अफ्रीका को भारत की वैश्विक नीति का केंद्रीय स्तंभ बताया और कहा कि यह साझेदारी समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के सिद्धांतों पर आधारित है।भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ‘युवा भारत ग्लोबल फोरम’ में आज भारत-अफ्रीका संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, राजनयिकों, नीति-निर्माताओं, थिंक टैंक, व्यापार संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन चकबल ग्रुप ने किया । ग्रुप का उद्देश्य वैश्विक साझेदारी और संवाद को मजबूत करना है।मंत्री मार्गेरिटा ने ‘विकसित भारत @2047’ और अफ्रीका के ‘एजेंडा 2063’ के बीच समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों का लक्ष्य समावेशी और सतत विकास है। उन्होंने बताया कि भारत की विकास साझेदारी क्षमता निर्माण, रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, डिजिटल सशक्तिकरण और जलवायु सहयोग पर केंद्रित है। यह शोषण नहीं बल्कि सशक्तिकरण पर आधारित है।उन्होंने आईटीईसी और आईसीसीआर जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे मानव संसाधन विकास को बढ़ावा मिला है। साथ ही, अफ्रीका में भारत के 17 नए मिशनों के खुलने से कुल संख्या 46 हो गई है। 30 लाख भारतीय प्रवासी समुदाय को उन्होंने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का मजबूत सेतु बताया।कार्यक्रम में अंगोला, केन्या, इथियोपिया सहित कई अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही एएआरडीओ और एएएलसीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सहभागिता भी रही। मंत्री ने कहा कि ऐसे मंच भारत-अफ्रीका साझेदारी को और अधिक गतिशील और भविष्य उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal