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मणिपुर : मुख्यमंत्री आवास की ओर कोकोमी के मार्च से बढ़ा तनाव, आंसू गैस के गोले दागे गए

इंफाल : इंफाल में ‘कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (कोकोमी) द्वारा शनिवार को आयोजित एक विशाल रैली के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।रैली दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई, जिसमें घाटी के कई जिलों में अलग-अलग जगहों पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। इन जगहों में लामलोंग बाज़ार, लंबोई खोंगनांगखोंग, काकवा केइथेल, टिडिम ग्राउंड, हाओ ग्राउंड और ओरिएंटल कॉलेज शामिल थे। कीशामथोंग, वांगोई और खांगेमबल्ली से भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इस रैली में शामिल हुए।बाद में सभी प्रदर्शनकारी एक जगह इकट्ठा हुए और टिडिम रोड की ओर मार्च किया। उनका मकसद मुख्यमंत्री के आवास तक पहुंचकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपना था, जिसमें छह मुख्य मांगें रखी गई थीं। इन मांगों में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, हालिया हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना और मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना शामिल था।जैसे-जैसे रैली आगे बढ़ी, तनाव बढ़ता गया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर आंसू गैस के गोले दागे। ख्वायरमबंद इमा केइथेल के पास स्थिति विशेष रूप से तनावपूर्ण बनी रही। यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा थे और अपने प्रतिनिधियों से मिलने वाली जानकारी का इंतज़ार कर रहे थे। ये प्रतिनिधि मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह से मिलने के लिए उनके बंगले पर गए हुए थे।जॉनस्टोन स्कूल के पास भी भीड़ जमा होने की ख़बरें मिलीं, जिससे मध्य इंफाल में तनाव और बढ़ गया। बढ़ते तनाव के बीच जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारी समूहों को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो इमा केइथेल इलाके में एक बार फिर आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले दिन में, इमा केइथेल बाज़ार में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गई थीं। हालांकि, झड़पों के बाद इलाके में अफ़रा-तफ़री मच गई, जिससे दुकानदारों और खरीदारों को वहां से भागना पड़ा। कई महिला दुकानदार, जिनमें दूर-दराज के इलाकों से अपना सामान बेचने आई महिलाएं भी शामिल थीं, स्थिति बिगड़ने के बाद पैदल ही वहां से निकलने लगीं।फिलहाल, मिली जानकारी के अनुसार किसी बड़ी हिंसा की ख़बर नहीं है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।—————–