महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता जरूरी


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ द्वारा “महिला सशक्तिकरण: आधुनिक भारत में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन सचिव डॉ. जय प्रकाश वर्मा (क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ) के स्वागत भाषण से हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने समकालीन समाज में महिला सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों की सतत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

वेबिनार की अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार मिश्रा (वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ) ने की। अपने संबोधन में उन्होंने समावेशी शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमियों से आने वाली महिलाओं के सशक्तिकरण में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सुमन मौर्य (सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर) ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने डॉ. बी. आर. आंबेडकर के महिला अधिकारों, संवैधानिक संरक्षणों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रगतिशील विचारों का विस्तार से विश्लेषण किया।

उन्होंने महिला सशक्तिकरण के प्रमुख आधारों के रूप में शिक्षा, विधिक जागरूकता एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को विशेष रूप से रेखांकित किया। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं विचारोत्तेजक रहा, जिसने समकालीन समाज में लैंगिक समानता की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर गहन दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

वेबिनार में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रीना कुमारी एवं डॉ. अनामिका सिन्हा की सक्रिय सहभागिता भी रही। जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस अवसर पर डॉ. निशीथ नागर (सहायक कुलसचिव, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ) भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन डॉ. जयदीप सिंह (समन्वयक, आरएमपी पीजी कॉलेज, सीतापुर) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विशिष्ट वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस वेबिनार में शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जिससे यह विचार-विमर्श एवं ज्ञान-विनिमय का एक सार्थक मंच सिद्ध हुआ।

इस वेबिनार ने प्रतिभागियों को महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में डॉ. बी. आर. आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता के प्रति जागरूक किया तथा आधुनिक भारत में लैंगिक न्याय की प्राप्ति हेतु शिक्षा एवं नीतिगत उपायों की महत्वपूर्ण भूमिका को सुदृढ़ किया।