नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आज से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है और इसी भावना के साथ देश इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसके माध्यम से उन्होंने महिलाओं के ज्ञान और उनकी भूमिका के महत्व को रेखांकित किया। साझा सुभाषित है- “व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥”इस सुभाषित का अर्थ है कि महिला अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए जो लोग समृद्धि और श्रेष्ठ गुणों की कामना करते हैं, वे सदैव महिलाओं का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेष संसद सत्र के माध्यम से देश नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम उठाने जा रहा है।
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