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आंबेडकर के योगदान पर संगोष्ठी, संविधान की मूल भावना पर चर्चा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। राष्ट्रीय सेवा योजना एवं विधि संकाय, शिया पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को “भारतीय संविधान एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ आगा डॉ. एजाज़ हुसैन द्वारा तिलावत-ए-कुरान से हुआ। इसके उपरांत अतिथि वक्ताओं प्रो. नरेंद्र सिंह, डॉ. मनीषा बड़ोनिया एवं डॉ. गणेश प्रसाद यादव को बुके, शाल व फोल्डर भेंट कर सम्मानित किया गया।

वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और संविधान निर्माण में उनकी अहम भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. नरेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. आंबेडकर और भारतीय संविधान का संबंध अविभाज्य है तथा उनके प्रयासों से भारत एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुआ। वहीं डॉ. गणेश प्रसाद यादव ने उन्हें संविधान का मुख्य शिल्पकार बताते हुए मौलिक अधिकारों, धर्मनिरपेक्षता और समानता के सिद्धांतों पर चर्चा की।

डॉ. अजयवीर ने संविधान के अनुच्छेद 14, 17, 19, 25 एवं 32 सहित उद्देशिका की व्याख्या करते हुए आंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया। डॉ. मनीषा बड़ोनिया ने शोषित वर्ग के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. वहीद आलम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एस.एम. हसनैन ने दिया। इस अवसर पर डॉ. सुधाकर वर्मा, प्रो. आगा परवेज़ मसीह सहित कई शिक्षक, पत्रकार, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।