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देशभर में 10 लाख ‘साइबर सखी’ तैयार करेगा रिलायंस फाउंडेशन

नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रिलायंस फाउंडेशन ने ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘e-SafeHER’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण पहल है, जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली C-DAC संस्था (‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’) के साथ मिलकर शुरू किया गया है। 

इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर देशभर में 10 लाख महिलाओं को ‘साइबर सखी’ के रूप में तैयार करना है, ताकि वे सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। मध्य प्रदेश और ओडिशा से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। 

महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाने वाला कार्यक्रम e-SafeHER के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं पर केंद्रित है, जो तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन इस कार्यक्रम को देशभर में स्वयं सहायता समूहों और अपने जमीनी नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाएगा, जबकि C-DAC प्रशिक्षण सामग्री और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा।

इस मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “भारत में ग्रामीण महिलाएं पहले से कहीं ज्यादा तेजी से ऑनलाइन आ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ डिजिटल पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी और कौशल देना भी है। e-SafeHER के जरिए हम महिलाओं को यह सिखाना चाहते हैं कि वे डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल आत्मविश्वास के साथ करें और अपने जीवन और आजीविका को मजबूत बनाएं।”

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा, “देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हम, e-SafeHER जैसी पहल के जरिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंच बना रहे हैं। ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सशक्त बन सकें। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसे आगे बड़े स्तर पर अपनाया और विस्तार दिया जा सकता है।”

रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि यह पहल महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण के उसके व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत डिजिटल साक्षरता, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है।