Saturday , April 11 2026

ज्योतिबा राव फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई : अंशु केडिया

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। महान समाज सुधारक ज्योतिबा राव फुले के जन्मोत्सव के अवसर पर खुन-खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में शनिवार को श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अंशु केडिया ने छात्राओं को फुले के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा राव फुले 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।

प्राचार्या ने बताया कि वर्ष 1873 में फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य बिना ब्राह्मण पुरोहित के विवाह संपन्न कराना और सभी जातियों को समान अधिकार दिलाना था। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का कड़ा विरोध किया। साथ ही, विधवाओं के सिर मुंडवाने की प्रथा के खिलाफ भी आवाज उठाई।

उन्होंने यह भी बताया कि फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित कर समाज में महिलाओं की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया, जो आगे चलकर देश की पहली महिला शिक्षिकाओं में शामिल हुईं। उनके प्रयासों से अनेक बालिकाओं के लिए विद्यालय स्थापित किए गए।

इस अवसर पर प्रो. ज्योत्सना पांडेय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ज्योतिबा राव फुले को दूरदर्शी समाज सुधारक बताया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।