नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना देश के युवाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 वर्ष पहले शुरू की गई इस योजना ने यह साबित किया है कि यदि लोगों को सही अवसर और समर्थन मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में भी लिखा कि यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने में बेहद प्रभावी रही है और आने वाले समय में भी इसी तरह देश की प्रगति को गति देती रहेगी।इस अवसर पर उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें एक बुद्धिमान व्यक्ति के गुणों का वर्णन किया- “आत्मज्ञानं समारंभस्थितिक्षा धर्मनित्यता।यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥” प्रधानमंत्री ने श्लोक का अर्थ बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी क्षमताओं को समझता है, आत्मनिर्भर होता है, धैर्य रखता है, धर्म का पालन करता है और लालच से विचलित नहीं होता वही सच्चे अर्थों में बुद्धिमान होता है।
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