(रवि प्रकाश पाण्डेय)
किसी भी शहर की तरक्की को समझना हो तो उसकी सड़कों को देख लीजिए। सड़कें जितनी बेहतर होंगी, शहर उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेस वे और हाईवे का जो जाल बिछा है, उसने विभिन्न शहरों की दिशा बदल दी है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज इस बदलाव को सबसे करीब से महसूस कर रही है।
लखनऊ अब सिर्फ प्रदेश का प्रशासनिक केंद्र नहीं रह गया है। तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के कारण यह शहर अब इंवेस्टमेंट, रियल एस्टेट और आधुनिक शहरी विकास का भी बड़ा केंद्र बन गया है। आगरा एक्सप्रेस वे ने लखनऊ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ा, वहीं पूर्वांचल एक्सप्रेस वे ने पूर्वी जिलों से दूरी कम कर दी। वहीं कानपुर तक बने नए एक्सप्रेस वे ने औद्योगिक विकास नई रफ्तार दी है। इतना ही नहीं शहर के भीतर भी शहीद पथ और किसान पथ जैसे रास्तों ने आवाजाही को आसान बनाया है। अब विज्ञान पथ बनने की तैयारी है, जो इस पूरे नेटवर्क को और मजबूत करेगा।
जब सड़कें बनती हैं तो सिर्फ रास्ते नहीं बनते, आसपास की तस्वीरों को नई पहचान मिलती है। जिन जगहों को कभी शहर का किनारा माना जाता था, वहां तेजी से बदलाव दिखने लगता है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से यह इलाके शहर से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। नतीजतन नए घर, प्लैंड कॉलोनी और बेहतर सुविधाएं तेजी से विकसित होती हैं। इसके साथ आते हैं विश्वस्तर के अस्पताल, अच्छे स्कूल और आधुनिक सोसाइटियां भी अब ऐसे ही इलाकों की ओर बढ़ने लगती है। लखनऊ में पिछले कुछ वर्षों में यह बदलाव साफ तौर पर देखा जा सकता है।
ग्रीन कॉरिडोर भी इसी बदलाव की एक अहम कड़ी है। यह पुराने लखनऊ को नए लखनऊ से जोड़ रहा है और शहर के भीतर आने-जाने का समय कम कर रहा है। इससे शहर का फैलाव बेतरतीब नहीं बल्कि एक दिशा में होता दिखाई देता है।
बेहतर कनेक्टिविटी का असर रियल एस्टेट पर भी पड़ना स्वाभाविक है। लोग ऐसे इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं जहां सड़कें अच्छी हों और भविष्य में और विकास की उम्मीद हो। यही वजह है कि शहर के बाहरी हिस्सों में अब प्लैन्ड टाउनशिप और नई आवासीय परियोजनाएं सामने आ रही हैं।
हाल में कुछ नए इलाक़े भी तेजी से चर्चा में आए हैं। अमरावती स्पोर्ट्स सिटी ग्रीन कॉरिडोर और आगरा एक्सप्रेस वे के करीब स्थित है और मेट्रो के अगले चरण का विस्तार भी इसके आसपास तक आने की बात कही जा रही है। वहीं अमरावती आईटी सिटी शहीद पथ से लगी हुई है और किसान पथ व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के बेहद करीब है, जबकि प्रस्तावित विज्ञान पथ भी इसके पास से गुजरने वाला है। आने वाले समय में मजबूत रोड कनेक्टिविटी ही इस शहर की नई पहचान बनने वाली है। प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेस वे और लखनऊ के आसपास तैयार हो रहा रोड नेटवर्क यही इशारा करता है कि आने वाले वर्षों में शहर का विस्तार और तेज़ होगा। अगर यही गति बनी रही, तो लखनऊ सिर्फ प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि प्रदेश के सबसे सक्रिय शहरी और आर्थिक केंद्रों में भी गिना जाएगा।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal