फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दीपिका पादुकोण के 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग के बाद यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। इसी बीच निर्देशक मोहित सूरी ने इस पर अपनी राय रखते हुए सख्त रुख अपनाया और इसे रचनात्मक प्रक्रिया से जोड़कर देखा।मोहित सूरी ने एक बातचीत में इमरान हाशमी का उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्म आवारापन की शूटिंग के दौरान अभिनेता ने लगातार 24 घंटे तक बिना रुके काम किया था। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण में कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जहां तय समय सीमा से बाहर जाकर काम करना पड़ता है।हालांकि मोहित ने यह भी माना कि लंबे समय तक काम करना पूरी यूनिट के लिए थकाऊ होता है। उनके अनुसार, 12 घंटे की शिफ्ट अक्सर 14-15 घंटे में बदल जाती है, जिसमें आने-जाने और तकनीकी तैयारियों का समय भी शामिल होता है। ऐसे में 8 घंटे की शिफ्ट को केवल सितारों की मांग नहीं, बल्कि पूरी यूनिट, लाइटमैन, स्पॉट बॉय और ड्राइवर के हित से जुड़ा मुद्दा बताया।गौरतलब है कि 8 घंटे की शिफ्ट को लेकर बहस उस समय और तेज हो गई, जब खबरें आईं कि दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल से दूरी बना ली है। इस पूरे विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों और कार्य-परिस्थितियों पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
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