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स्टॉक मार्केट मे एप्सिस एयरोकॉम की जोरदार एंट्री, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

नई दिल्ली : एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के फील्ड में काम करने वाली कंपनी एप्सिस एयरोकॉम के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 110 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 43 रुपये के प्रीमियम यानी 39.09 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 153 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का सपोर्ट मिलने के कारण ये शेयर थोड़ी ही देर में उछल कर 160.65 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 50.65 रुपये यानी 46.05 प्रतिशत का मुनाफा हो गया।एप्सिस एयरोकॉम का 35.77 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 मार्च से 13 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 129.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 99.96 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 236.61 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 100.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 32.52 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 3.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 10.41 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.88 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 13.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 2.07 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 1.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 2.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था।इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 40 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 4.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.10 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 10.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 4.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था।