मीरपुर : पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाफ रविवार को खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान लिए गए विवादित रिव्यू को लेकर मैच रेफरी नेयामुर राशिद से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला मीरपुर में खेले गए मुकाबले के आखिरी ओवर से जुड़ा है, जिसमें ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान टीम प्रबंधन का आरोप है कि बांग्लादेश ने आखिरी से दूसरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू का रिव्यू उस समय लिया जब उस गेंद का रिप्ले पहले ही स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जा चुका था।मुकाबले के उस समय पाकिस्तान को जीत के लिए दो गेंदों पर 12 रन की जरूरत थी। बांग्लादेश के गेंदबाज रिशाद हुसैन ने लेग स्टंप पर फ्लाइटेड गेंद डाली, जो लेग साइड की ओर घूमती हुई बल्लेबाज शाहीन शाह अफरीदी से दूर निकल गई। अंपायर ने इसे वाइड करार दिया।इसके बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने आपस में चर्चा की और एलबीडब्ल्यू के लिए रिव्यू ले लिया, जबकि पहली नजर में गेंद अफरीदी के शरीर या पैरों के पास भी नहीं दिख रही थी।सामान्य नियमों के अनुसार रिव्यू लेने का फैसला खिलाड़ियों को रिप्ले दिखने से पहले करना होता है, ताकि स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी से निर्णय प्रभावित न हो। पाकिस्तान का आरोप है कि इस मामले में यह प्रोटोकॉल सही तरीके से नहीं अपनाया गया। उनका यह भी कहना है कि संभव है कि बांग्लादेश ने 15 सेकंड की तय समय-सीमा के बाद रिव्यू लिया हो, हालांकि प्रसारण में कोई टाइमर नहीं दिखाया गया, जिससे इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।डीआरएस में जब मामला हॉक-आई तक पहुंचा तो पता चला कि गेंद बल्ले के निचले हिस्से से हल्का सा संपर्क कर गई थी। इस कारण वाइड का फैसला पलट दिया गया। हालांकि बांग्लादेश का रिव्यू असफल रहा, लेकिन वाइड हटने से समीकरण बदलकर पाकिस्तान के लिए आखिरी गेंद पर 12 रन रह गया।आखिरी गेंद पर अफरीदी स्टंप आउट हो गए और निराशा में उन्होंने बल्ला स्टंप्स पर मार दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने यह मुकाबला 11 रन से जीत लिया और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मैच रेफरी से क्या कार्रवाई चाहता है, लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड कम से कम इस मामले में गलती की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति की मांग कर सकता है।गौरतलब है कि इससे पहले दूसरे वनडे में भी पाकिस्तान को एक विवादित फैसले का सामना करना पड़ा था। उस मैच में सलमान आगा गेंद लौटाने के दौरान क्रीज से बाहर पाए गए और मेहदी हसन मिराज ने उन्हें रन आउट कर दिया। इस घटना के बाद मैदान पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके चलते आगा पर एक डिमेरिट अंक और मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था, जबकि मिराज पर 20 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगा था।
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