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एआई इम्पैक्ट समिट का समापन, 88 देशों-संगठनों ने किए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के घोषणा पत्र पर दुनिया के 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सहयोगात्मक, विश्वसनीय, लचीले एवं कुशल एआई के लिए एक साझा वैश्विक दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए। इसमें एआई के क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाने वाले सभी इसमें वैश्विक मंच, सिद्धांत और सहयोगात्मक तंत्र की 7 घोषणाएं हैं। साथ ही सम्मेलन के माध्यम से भारत ने समानता, पहुंच और वैश्विक सहयोग में निहित ‘सभी के लिए एआई’ के आह्वान का नेतृत्व किया है।इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि नई दिल्ली घोषणा पत्र में सम्मेलन के सात आधार स्तंभों पर आधारित सात वैश्विक उपलब्धियां हैं। यह हैं- लोकतांत्रिक प्रसार पर घोषणापत्र, वैश्विक प्रभाव साझा मंच, विश्वसनीय प्रणालियों का साझा भंडार, वैज्ञानिक सहयोग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सामाजिक सशक्तीकरण मंच, कार्यबल विकास मार्गदर्शिका, लचीली एवं कुशल एआई के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत।संयुक्त घोषणा पत्र पर अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल, ईरान, ब्राज़ील, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, सऊदी अरब, यूएई, स्पेन सहित पड़ोसी देश म्यांमार, श्रीलंका ने हस्ताक्षर किये हैं। 86 देशों के साथ दो संगठन यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास फंड ने हस्ताक्षर किए हैं।घोषणा पत्र के तहत आधारभूत संसाधनों तक किफायती पहुंच सुनिश्चित कर स्थानीय नवाचार तंत्र को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि विकासशील समाज अपनी जरूरतों के समाधान स्वयं विकसित कर सकें। विभिन्न देशों में सफल कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगों को साझा और विस्तारित करने की सुविधा के लिए साझा मंच बनाया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर विकास संबंधी चुनौतियों का सामूहिक समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा।साझा भंडार तैयार कर सुरक्षित और पारदर्शी कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों के लिए उपकरण, मानक और सर्वोत्तम प्रक्रियाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। वैज्ञानिक सहयोग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शोध संस्थानों को जोड़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाएगा। यह जलवायु, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसी जटिल समस्याओं पर संयुक्त प्रयास को प्रोत्साहन देगा।सामाजिक सशक्तीकरण मंच से कमजोर वर्गों तक तकनीकी लाभ पहुंच और समान अवसर आधारित विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यबल विकास मार्गदर्शिका कौशल उन्नयन, पुनः प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देगी। इससे देशों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अर्थव्यवस्था के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी। एक सिद्धांत के तहत ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक स्थिरता, पर्यावरण संतुलन और आपदा-प्रतिरोधी तकनीकी ढांचे का निर्माण सुनिश्चित करना है।घोषणा में आर्थिक परिवर्तन को गति देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया गया है। खुले स्रोत और सुलभ पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को रेखांकित किया गया है। ऊर्जा दक्ष अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता बताई गई है। सात ही विज्ञान, शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई के विस्तार पर बल दिया गया है।प्रतिभागियों ने एआई शासन में साझा वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचे को प्रोत्साहन देने पर सहमति बनी है। सतत सहयोग के माध्यम से दृष्टि को ठोस कार्यों में बदलने का संकल्प व्यक्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय साझेदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।