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हंगरी के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपसभापति से की भेंट

नई दिल्ली : हंगरी की नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर डॉ. लाजोस ओला के नेतृत्व में संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से संसद भवन परिसर स्थित कार्यालय में मुलाकात की। हरिवंश ने कहा कि संसदीय सहभागिता द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इस प्रकार का संबंध दोनों देशों के कानून निर्माताओं के बीच संवाद, आमसहमति और आपसी समझ को बढ़ावा देकर सरकारी कूटनीति को पूरा करता है।संबंधों की सुदृढ़ ऐतिहासिक नींव का उल्लेख करते हुए उपसभापति ने कहा कि भारत और हंगरी के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1948 में स्थापित हुए थे और वर्ष 2023 में उनकी 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देश लोकतांत्रिक शासन-विधि , विधि-शासन और प्रतिनिधि संस्थानों के प्रति प्रतिबद्धता साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा संचालित हैं।भारत के डिजिटल परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सार्वजनिक हित के लिए प्रौद्योगिकी के सिद्धांत पर कार्य कर रहा है। भारत ने पेपरलेस शासन को सक्षम बनाने और सेवा प्रदायगी के संवर्धन के लिए डिजिटल पहचान-आधार; भुगतान प्रणाली- यूपीआई और डिजिलॉकर सहित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा से संबंधित कई प्रमुख परियोजनाओं को सफलतापूर्वक शुरू किया है। दोनों देश परस्पर लाभ के लिए विशेषज्ञता और अनुभव साझा कर सकते हैं और उन्होंने शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और संसदीय मामलों सहित प्रमुख क्षेत्रों में एआई का उपयोग करने के लिए हंगरी के प्रयासों में अंतर्दृष्टि लाने का निवेदन किया।इस अवसर पर राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी और सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।