नई दिल्ली : केंद्रीय बजट में भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रतिभा विकास, अवसंरचना निर्माण, विनिर्माण और रोजगार सृजन पर केंद्रित पहलों के तहत वित्त मंत्री एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में खेलो इंडिया मिशन के शुभारंभ की घोषणा की। बजट में खेल वस्तु निर्माण (स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया गया है।वित्त मंत्री ने खेलों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू की गई खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले एक दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।”खेलो इंडिया मिशन: खेल उत्कृष्टता के लिए समग्र ढांचाखेलो इंडिया मिशन के तहत देशभर में खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, मिशन के प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे—(क) आधारभूत, मध्यवर्ती और एलीट स्तर के प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग।(ख) कोचों और सहायक स्टाफ का व्यवस्थित विकास।(ग) खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकीकरण।(घ) खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने के लिए प्रतियोगिताएं और लीग।(ङ) प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए खेल अवसंरचना का विकास।इस मिशन का उद्देश्य संरचित एथलीट मार्ग तैयार करना, संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और सभी स्तरों पर प्रदर्शन परिणामों में सुधार करना है।युवा-केंद्रित बजटबजट के युवा-केंद्रित स्वरूप पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसमें युवाओं के विचारों और आकांक्षाओं की स्पष्ट झलक है। उन्होंने कहा,“विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान युवाओं ने प्रधानमंत्री के साथ कई नवाचारी विचार साझा किए, जिनसे प्रेरित होकर कई प्रस्ताव तैयार किए गए। इसी कारण यह बजट एक विशिष्ट युवा शक्ति-प्रेरित बजट है।”खेल वस्तु निर्माण को बढ़ावावैश्विक खेल निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की क्षमता को पहचानते हुए बजट में खेल वस्तु निर्माण के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, “भारत में उच्च गुणवत्ता और किफायती खेल उपकरणों के वैश्विक केंद्र बनने की अपार क्षमता है। मैं खेल वस्तुओं के लिए एक विशेष पहल का प्रस्ताव करती हूं, जो उपकरणों के डिज़ाइन और सामग्री विज्ञान में निर्माण, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करेगी।” इस पहल से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने, नवाचार को प्रोत्साहन मिलने और वैश्विक खेल आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।खेल मंत्रालय को बढ़ा बजटीय समर्थकेंद्रीय बजट 2026–27 में युवा मामले और खेल मंत्रालय के लिए कुल बजटीय आवंटन में ₹1,133 करोड़ की वृद्धि की गई है। वर्ष 2025–26 (संशोधित अनुमान) में ₹3,346 करोड़ के मुकाबले, 2026–27 (बजट अनुमान) में यह बढ़कर ₹4,479.88 करोड़ हो गया है। इस बढ़े हुए आवंटन का उद्देश्य भारत को 2036 तक शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों और 2047 तक शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में स्थापित करना है। अतिरिक्त बजट से एथलीट विकास कार्यक्रमों, युवा सहभागिता पहलों, कोचिंग और समर्थन प्रणालियों, खेल विज्ञान के एकीकरण तथा खेल अवसंरचना विकास को मजबूती मिलेगी।—————
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