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SCIENCE CITY : स्वास्थ्य, पोषण और वैज्ञानिक सोच पर केंद्रित रहा साइंस एक्सपो–2026


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी में आयोजित साइंस एक्सपो–2026 का समापन एक गरिमामय समारोह के साथ हुआ। यह समारोह सारगर्भित चर्चाओं, वैज्ञानिक जनसंपर्क कार्यक्रमों तथा छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से परिपूर्ण रहा। समापन समारोह में राजेंद्र कुमार (अपर महानिदेशक, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वरूप मंडल (परियोजना समायोजक) के स्वागत भाषण से हुआ। जिसमें उन्होंने साइंस एक्सपो–2026 के उद्देश्यों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने में इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात डॉ. राणा प्रताप सिंह द्वारा एक लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद स्वास्थ्य, पोषण एवं जीवनशैली विज्ञान पर केंद्रित विशेषज्ञ व्याख्यान हुए। डॉ. अशोक कुमार यादव ने अपने संबोधन में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से जंक फूड के बजाय पारंपरिक एवं स्वास्थ्यवर्धक आहार अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने अच्छे स्वास्थ्य के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन एवं एंटीऑक्सीडेंट्स की भूमिका को समझाया।

डॉ. निखिल कुमार द्वारा आयोजित एक संवादात्मक सत्र में छात्रों को सरल एवं पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए आत्मविश्वास एवं जागरूकता के महत्व पर बल दिया गया।

आज के कार्यक्रमों के अंतर्गत दैनिक विज्ञान पर आधारित एक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें किचन केमिस्ट्री पर आधारित फैमिली क्विज तथा “फैंटास्टिक केमिस्ट्री” शीर्षक से एक विज्ञान शो प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में लोकप्रिय इंटरएक्टिव सत्र “मीट योर साइंटिस्ट” भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद किया।

छात्र विक्रमादित्य गोयल ने स्वस्थ भोजन के लाभ और जंक फूड के दुष्प्रभावों पर प्रश्न किया, जिस पर विशेषज्ञों के साथ रोचक चर्चा हुई। वक्ताओं ने आज की फास्ट-फूड आधारित जीवनशैली में संतुलित आहार के प्रति अधिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।

वैदिक्टरी सत्र के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। जिसमें छात्रों को उनकी सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। साथ ही, साइंस एक्सपो–2026 में योगदान देने वाले संस्थानों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।

राजेंद्र कुमार (अपर महानिदेशक, जीएसआई) ने आंचलिक विज्ञान नगरी के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्रों एवं आम जनता में वैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की।

इस अवसर पर श्रुति शुक्ला (उप निदेशक, पर्यावरण निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार) तथा हुमा मुस्तफा (संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) भी उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम में लगभग 1,400 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन राम कुमार (शिक्षा अधिकारी) द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।