मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। महाराष्ट्र पश्चिम भारत में अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों का सबसे बड़ा बाज़ार बनकर उभरा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक छुपा हुआ सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा खड़ा हो गया है। कानूनी मच्छर-रोधी समाधान प्रदान करने वाली कंपनियाँ और द होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) लगातार लोगों और अधिकारियों को ऐसी अवैध और अप्रूव न की गई मच्छर-रोधी अगरबत्तियों के खतरों के बारे में आगाह कर रहे हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं।
भारत में अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों का बाज़ार लगभग 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का है, जिसमें पश्चिम भारत का योगदान करीब 230 करोड़ रुपये है। इसमें अकेले महाराष्ट्र का लगभग 200 करोड़ रुपये का हिस्सा है, जिससे यह इन असुरक्षित और अवैध उत्पादों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
“हर्बल” या “नेचुरल” नाम से बेची जाने वाली ये अवैध अगरबत्तियाँ अक्सर अप्रूव न किए गए केमिकल्स से बनी होती हैं। लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से सांस संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में। ये अवैध अगरबत्तियाँ लोकल स्टोर्स, जनरल दुकानों और यहाँ तक कि फ़ार्मेसीज़ में भी 10–15 रुपये की कीमत पर मिल जाती हैं, लेकिन लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि ये अपने साथ उनके घरों में किस तरह का खतरा ला रही हैं।
केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति (CIB&RC) भारत में मच्छर भगाने वाली दवाओं में इस्तेमाल के लिए रसायनों को मंजूरी देने वाला प्राधिकरण है। किसी भी मच्छर-रोधी उत्पाद में इस्तेमाल होने वाले केमिकल को भारत में निर्माण, आयात या बिक्री से पहले CIBRC में पंजीकृत होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा मंज़ूर उत्पादों पर CIR (सेंट्रल इंसेक्टिसाइड रजिस्ट्रेशन) नंबर पैकेजिंग पर दिया होता है, जो प्रामाणिकता और सुरक्षा की गारंटी देता है। अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों में यह मंज़ूरी नहीं होती। वे अनिवार्य तीन साल की सुरक्षा जाँच प्रक्रिया से बच निकलती हैं, पैकेजिंग पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता और इन्हें ऐसे निर्माताओं द्वारा बनाया जाता है जिनकी कोई पहचान या जवाबदेही नहीं होती।
इस बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए बॉम्बे हॉस्पिटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के कंसल्टेंट बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश संकलेचा ने कहा, “धुँआ उत्पन्न करने वाले मच्छर-रोधी उत्पादों, जैसे बिना नियमन वाली अगरबत्तियों से सावधान रहें। ये अक्सर अवैध रूप से आयात किए गए और अप्रूव न किए गए केमिकल्स से बनती हैं। भले ही ये सस्ती लगें, लेकिन इनमें गुणवत्ता नियंत्रण नहीं होता और ये गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं। सुरक्षित और प्रभावी विकल्पों के लिए हमेशा केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति की ओर से स्वीकृत और विश्वसनीय ब्रांडों के उत्पादों का ही उपयोग करें।”
द होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) अवैध अगरबत्ती निर्माताओं पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। 2018 से 2024 के बीच, इस संगठन ने देशभर में 100 से अधिक छापों में मदद की है। जिनमें इन खतरनाक उत्पादों के निर्माता, थोक व्यापारी और विक्रेता शामिल थे, साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ाई और सुरक्षा अनुपालन को बढ़ावा दिया।
द होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन के मानद सचिव, जयंत देशपांडे ने कहा, “जैसे-जैसे मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, रोकथाम बेहद ज़रूरी है। लेकिन एक बड़ा चिंता का विषय इन अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों का बेतहाशा उपयोग है, जो महाराष्ट्र भर के घरों तक पहुँच चुकी हैं। ये अवैध अगरबत्तियाँ कम्फर्ट, रिलैक्स, पावर, एक्स्ट्रा पावर जैसे संदिग्ध नामों से बेची जाती हैं और इनमें CIBRC द्वारा अप्रूव न किए गए केमिकल्स होते हैं। किसी भी मच्छर-रोधी उत्पाद के लिए तीन वर्षों की कठोर टेस्टिंग अनिवार्य है, ताकि उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। लेकिन ये अवैध उत्पाद सरकारी नियमों वाली निर्माण प्रक्रिया से नहीं गुजरते और त्वचा, आँखों व श्वसन तंत्र पर प्रभाव की अनिवार्य जाँच से बच जाते हैं।”
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों का सबसे बड़ा बाज़ार बनकर उभरा है। ये अवैध उत्पाद कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाओं को भी दरकिनार करते हैं, जिससे टैक्स चोरी होती है। लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए केवल उन्हीं सरकारी-स्वीकृत मच्छर-रोधी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए जिनकी पैकेजिंग पर CIR से शुरू होने वाला वैध रजिस्ट्रेशन नंबर और उसके साथ मंज़ूरी का वर्ष लिखा हो। यही प्रमाणिकता और सुरक्षा का सबसे बड़ा सबूत है।”
गुडनाइट बनाने वाली कंपनी, गोदरेज कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) के होम केयर प्रोडक्ट एवं कैटेगरी डायरेक्शन हेड, रोहित वेंगुर्लेकर ने कहा, “अवैध मच्छर-रोधी अगरबत्तियों का बढ़ता प्रसार, जो बिना नियमन, असुरक्षित और अप्रूव न किए गए केमिकल्स से बनी होती हैं, एक गंभीर चिंता का विषय है। मच्छर-रोधी श्रेणी के अग्रणी के रूप में GCPL इस स्थिति को लेकर चिंतित है। गुडनाइट हमेशा परिवारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और सुरक्षित, विश्वसनीय और विज्ञान-आधारित विकल्पों की वकालत करता है। हमारे गुडनाइट मच्छर-रोधी उत्पाद पूरी तरह सरकारी नियमों के अनुरूप हैं, प्रमाणित सक्रिय अवयवों से बने हैं और सुरक्षा व प्रभावशीलता के लिए परीक्षण किए गए हैं। हम महाराष्ट्र के उपभोक्ताओं से आग्रह करते हैं कि वे सावधान रहें और केवल वैध CIR नंबर वाले सरकारी-स्वीकृत उत्पादों का ही उपयोग करें।”
अप्रूव न किए गए मच्छर-रोधी उत्पादों का उपयोग न केवल गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा करता है बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ भारत की लड़ाई को भी कमजोर करता है, क्योंकि इनकी प्रभावशीलता अपरीक्षित और अविश्वसनीय होती है। केवल CIB&RC-स्वीकृत मच्छर-रोधी उत्पाद ही यह सुनिश्चित करते हैं कि उत्पाद का सुरक्षा और प्रभावशीलता के लिए पूरी तरह मूल्यांकन किया गया है, जिससे देशभर के घरों की बेहतर सुरक्षा हो सके।
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