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उत्तरायणी कौथिंग : ‘‘मैं जांछु कमला काली गंगा पारा’’ ने बांधा समां

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित 10 दिवसीय उत्तरायणी कौथिंग-2024 के आठवें दिन का शुभारम्भ विभिन्न क्षेत्रों से आए झोड़ा दलों के नृत्य के साथ हुआ। बतौर मुख्य अतिथि मौजूद एमएलसी डा. महेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर सांयकालीन सत्र का शुभारंभ किया।

“अपनी बोली अपनी भाषा” प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साथ ही छपेली प्रतियोगिता झुमिगो सीजन-2 का फाइनल राउंड हुआ।

डीडीहाट उत्तराखण्ड से आए लोकगायक चन्द्र प्रकाश ने ‘‘मैं जांछु कमला काली गंगा पारा’’ गीत के साथ कई प्रस्तुतियां दीं। मेहमान कलाकारों में मनोज सावंत ने ‘‘घुघुती’’, ललित गित्यार ने ‘‘ब्वारी चाहा बना दे’’, ’’यो डाना का पारा’’, टीम घुघुती जागर द्वारा ‘‘अपण मन में पहाड़ ला रयुं’’ ने पर प्रस्तुति से पहाड़ी छटा बिखेरी।

चित्रकला प्रतियोगिता का संचालन देवेन्द्र मिश्रा एवं राजेश भट्ट के नेतृत्व में किया गया। जिसमें कक्षा 8 तक के प्रतिभागियों में रश्मी सिंह प्रथम, शौर्य बिष्ट द्वितीय, राघव तृतीय, कक्षा 9 से अधिक के बच्चों में सुनीता बिष्ट प्रथम, गौरी सिंह द्वितीय एवं नीतू सिंह तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम व्यवस्था में भुवन जहाँवासी, कैलाश बिनवाल, पुष्कर नयाल, केडी पाण्डेय, सुनील किमाठी, भीम सिंह नेगी, बसन्त भटट, पूरन जोशी, केएन पाण्डेय, मंजू पडेलिया, गंगा भटट, सुमन रावत सहित अन्य पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।