लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सीएसआईआर-सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) ने “जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपरसन्ड से 50 प्रतिभाशाली युवा छात्राओं और दो शिक्षकों के एक समूह को आमंत्रित किया। यह पहल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार की प्रतिष्ठित परियोजना (जिसे “विज्ञान ज्योति” के नाम से जाना जाता है) के तहत आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) के क्षेत्र में युवा लड़कियों को प्रेरित और सशक्त बनाने हेतु उन्हें अपने प्रेरणास्त्रोत (रोल मॉडल) से मिलाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। जिससे उन्हें ड्रग डिस्कवरी और अनुसंधान के क्षेत्र से परिचित कराना जा सके।
सीडीआरआई में विज्ञान आउटरीच के समन्वयक और डीएसटी-विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने छात्राओं का स्वागत किया और सीडीआरआई के बारे में एक परिचयात्मक भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न कैरियर अवसरों के बारे में जानकारी दी, जिन्हें छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए चुन सकते हैं।


कार्यक्रम में युवा उत्साही लड़कियाँ अपनी रोल मॉडल यानी संस्थान की महिला वैज्ञानिकों से मिलीं एवं विज्ञान के साथ उनकी यात्रा और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में उनकी चुनौतियों के बारे में जानकरी हासिल की। डॉ. रितु त्रिवेदी विज्ञान में रुचि रखने वाली युवा लड़कियों के लिए एक उल्लेखनीय उदाहरण हैं। डॉ. रितु त्रिवेदी ने वैज्ञानिक बनने की अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा की और छात्राओं को वैज्ञानिक अन्वेषण के मार्ग पर चलने के बारे में एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कुछ प्रेरक पंक्तियाँ साझा कीं, “अपनी क्षमता और अपने सपनों की शक्ति पर विश्वास करें। विज्ञान कोई सीमा नहीं जानता, और दृढ़ संकल्प के साथ, आप अपने रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं।” उनके शब्द इस भावना को प्रतिध्वनित करते हैं कि लैंगिकता आकांक्षाओं या उपलब्धियों को बाधित या सीमित नहीं कर सकती यदि वे संकल्पित हैं। उन्होंने शालीनता से छात्राओं के सवालों के जवाब दिया, जिससे वे और अधिक प्रेरित हुई।


अन्य रोल मॉडल, जैसे डॉ. दिव्या सिंह ने दवाओं के विकास में एंडोक्रिनोलॉजी की भूमिका विस्तार से समझाया। उनके सत्र में उन्होने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे हार्मोन का अध्ययन चिकित्सा में अभूतपूर्व खोजों को जन्म दे सकता है। महिला स्वास्थ्य कल्याण के एक महत्वपूर्ण पहलू को संबोधित करते हुए, डॉ. मोनिका ने प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी। वहीं, डिवीजन की यात्रा के दौरान डॉ. समन हबीब ने प्रोटीन और डीएनए संरचनाओं की जटिलताओं की व्याख्या की, जीवन के निर्माण अंगों की सुंदरता और जटिलता की जानकारी दी। वनस्पति विज्ञान विभाग से डॉ. विनीता ने छात्राओं को औषधि विकास की दुनिया में पौधों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराया। उन्होंने उन्हें हर्बेरियम के बारे में बताया कि कैसे पौधों का अध्ययन अभूतपूर्व फार्मास्युटिकल अनुसंधान में योगदान देता है।
इस दौरे का एक अन्य आकर्षण छात्राओं का प्रयोगशाला जन्तु प्रभाग सुविधा का दौरा था। इस प्रत्यक्ष अनुभव ने उन्हें प्रयोगशाला अनुसंधान एवं जन्तु देखभाल की एक झलक प्रदान की। सीएसआईआर-सीडीआरआई में विज्ञान ज्योति कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय के युवा छात्राओं के लिए नेत्र खोलने वाला एवं प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। इसने विज्ञान और औषधि खोज की विशाल एवं रोमांचक दुनिया का पता लगाने के लिए उनके भीतर जिज्ञासा एवं प्रेरणा की चिंगारी प्रज्वलित की। प्रतिभागी वैज्ञानिकों के साथ बातचीतों और गहरे अध्ययन अनुभवों के माध्यम से, छात्राओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिली और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान में रोमांचकारी करियर की दिशा में विचार करने की सलाह दी गई।
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