Sunday , April 21 2024

सावनी फुहार के बीच पूजन संग ताल गुरुओं का हुआ सम्मान

मल्हार की गूंज संग सावनी फुहार

▪️भारतीय संगीत महाविद्यालय का गुरु पूर्णिमा उत्सव


लखनऊ। भारतीय संगीत महाविद्यालय द्वारा मंगलवार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की वाल्मीकि रंगशाला में ताल वाद्य के महत्वपूर्ण चार गुरुजनों का पूजन के संग सम्मान किया गया। मियां की मल्हार के साथ शास्त्रीय और उपशास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने लोगों को सावनी फुहार में भिगोया।

कार्यक्रम का शुभारभ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के क्षेत्रीय निदेशक अरविन्द कुमार, भारतीय संगीत महाविद्यालय के मुखिया शेख इब्राहिम सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं उस्ताद अल्लारखा खां के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। इस अवसर पर ताल वाद्य के वरिष्ठ गुरुजन सर्वश्री पंडित शीतल प्रसाद मिश्र, पंडित रविनाथ मिश्र, पंडित अरुण भट्ट एवं डा. मनोज कुमार मिश्र का सम्मान किया गया।

गुरु वन्दना गुनियन का गुणगान करिये के सामूहिक गायन से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां का शुभारंभ हुआ। कमल गुप्ता, सिराज अहमद एवं दिव्यांशी ने सामूहिक तबला वादन किया। क्षितिज चौधरी ने शास्त्रीय गायन के राग मियां मल्हार की तान छेड़ी और सिंथेसाइजर व तबला की युगलबंदी कराकर वाहवाही बटोरी। अंशिका एवं अनुष्का सिंह चंदेल ने कजरी बरसन लागी सावन बुंदिया गाकर महफ़िल को सावनी बनाया। गगन एवं गुरुप्रीत कौर ने शबद गायन रहम तेरी सुख पाया की प्रस्तुति दी। डा. संजीत सिंह ने एक प्यार का नगमा है, अनुज महेन्द्रू ने कल चौदवीं की रात थी, अनुष्का सिंह चंदेल ने नज़र से नज़र को सलाम आ रहे हैं तथा अंश ने चांदी जैसा रंग है तेरा सुनाकर दर्शकों की तालियां बटोरी। शेख इब्राहिम ने भारतीय संगीत महाविद्यालय उन्नाव द्वारा वर्ष 1967 से संगीत प्रशिक्षण, नयी प्रतिभाओं की खोज और उनको मंच प्रदान करने संबंधी कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।