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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 33 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू पर हुए हस्ताक्षर : बृजेश पाठक

विपक्ष के सवालों और आरोपों पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का तीखा पलटवार

संतोष कुमार सिंह
लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरूवार को विधानउत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 33 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू साइनसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने सदन में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से जुड़े सवालों के चुन-चुनकर जवाब दिए और कई तंज कसे। निवेश को लेकर विपक्ष के सवाल पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 33 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जब पिछले बार इस सम्मलेन का आयोजन हुआ था तो लगभग 4 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए थे, जिसे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान धरातल पर उतारने का काम किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बेहद ही आक्रामक अंदाज में अखिलेश यादव के एक-एक सवाल का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरीमनी के बाद उत्तर प्रदेश में उद्योग लगे जिसका परिणाम है कि आज यूपी में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है।
सदन के पटल पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस दौरान प्रदेश में लगभग 94 लाख रोजगार सृजित हुए। इतनी बड़ी संख्या में नौजवानों को सीधे रोजगार से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर समिट से पहले प्रदेश में कोरोना महामारी का काल चल रहा था। इस दौरान हर राज्य की सरकारों ने यूपी के लोगों को अपने यहां से भेजना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि कोरोना काल के दौरान दिल्ली से सटे यूपी में हमारे 10 हजार से अधिक की संख्या में श्रमिक सड़क पर थे। हमारी सरकार ने स्पेशल पैकेज देकर उन्हें वापस अपने-अपने जिलों में भेजा। इन श्रमिकों में अलग-अलग विधाओं से जुड़े तादाद में लोग थे जिन्हें ओडीओपी से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ओडीओपी योजना को विस्तार देने का काम किया है। इसके जरिए ओडीओपी उद्योगपतियों को इस मुहीम से जुड़ने का मौका मिला जिसे बड़ी मात्रा में प्रदेश में रोजगार का सृजन हुआ है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। विपक्ष के पास कोई नीति, कोई एजेंडा नहीं बचा है। प्रदेश की जनता उनके शासनकाल के कारनामे को अच्छी तरह से जानती समझती है। बृजेश पाठक ने कहा कि राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र जैसे समाजवादी नेताओं ने वास्तव में समाजवाद के नारे को बुलंद किया था। वह कभी भी भौतिक आडंबर से हमेशा दूर रहते हुए समाज के लिए काम किया। लेकिन वर्तमान में जितने भी समाजवादी नेता हैं वह अपनी बढ़ाने में लगे हैं। उन्होंने कहा की इस बीच कई मेरे साथी (समाजवादी पार्टी के विधायक) अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश राजभर का नाम लेते हुए कहा की वह भी अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चुनाव के बाद समाजवादी नेताओं ने लंबी डील की। उम्मीद में थे की सरकार सपा की ही बन रही है। लेकिन सारे अरमान धरे के धरे रह गए। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यव्स्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में इसी राजधानी के हजरतगंज में एक सीओ को गाड़ी के बोनट पर गुंडों ने घुमाया था, क्या नेता प्रतिपक्ष वह दिन भूल गए हैं। उन्होंने कहा की सपाईयों ने खाली प्लाट पर कब्जा करने का काम किया है। सपा के राज में जितनी गुंडागर्दी हुई है वह जगजाहिर है।