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भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ की प्रदेश टीम में डॉ. श्वेता श्रीवास्तव को मिली अहम जिम्मेदारी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के चिकित्सा प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी में डॉ. श्वेता श्रीवास्तव को सदस्य मनोनीत किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी सूची में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दायित्व के साथ प्रदेश में चिकित्सकों को संगठित करने, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुँचाने और जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में उनकी सहभागिता बढ़ाने में उनकी भूमिका रहेगी।

डॉ. श्वेता श्रीवास्तव वर्तमान में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा की मानद सचिव हैं। वर्ष 2025 में हुए चुनाव में उन्होंने भारी मतों से विजय प्राप्त की थी। लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद किसी महिला का इस पद पर निर्वाचित होना चिकित्सक समुदाय में महिला नेतृत्व की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही। आईएमए सचिव के रूप में उनका कार्यकाल दो वर्ष का है।

अपने कार्यकाल में डॉ. श्रीवास्तव ने चिकित्सक समुदाय के हितों, संगठन की सक्रियता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। चिकित्सकों के बीच संवाद, सहभागिता और एकजुटता बढ़ाने के उनके प्रयास उनके कर्मठ नेतृत्व को दर्शाते हैं।

महिला सशक्तिकरण उनके कार्यों का प्रमुख केंद्र रहा है। महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को प्रोत्साहन तथा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया है। चिकित्सा, संगठन और समाजसेवा में उनकी भागीदारी महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण है।

नई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। मैं इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करूँगी। पार्टी इस दायित्व के अंतर्गत मुझे जो भी कार्य सौंपेगी, उसका पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करूँगी। चिकित्सक समुदाय के हितों, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा के लिए कार्य करते हुए संगठन को मजबूत बनाना मेरी प्राथमिकता रहेगी।”

भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ में मिली इस नई जिम्मेदारी के माध्यम से उनके संगठनात्मक अनुभव और चिकित्सक समुदाय से जुड़ाव का लाभ प्रदेश स्तर पर मिलने की अपेक्षा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिकित्सकों के बीच संवाद बढ़ाने, उन्हें संगठन एवं जनसेवा के कार्यों से जोड़ने तथा महिला स्वास्थ्य के विषयों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।