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महर्षि यूनिवर्सिटी : देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि मौजूद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. शशि कांत सिंह ने ध्वजारोहण कर किया। यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश छिमवाल ने अपने संबोधन में कानपुर के निकट स्थापित हो रही महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को निरंतर अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, नवाचार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उनके संबोधन ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

सही दिशा में लगाई गई ऊर्जा से मिलेंगे चमत्कारिक परिणाम

मुख्य अतिथि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. शशि कांत सिंह ने राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों और खतरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए उसकी सुरक्षा, एकता और सामाजिक स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण है। राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना या सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी समझनी होगी।

उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें सही दिशा देने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. शशि कांत सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करें तो भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

देशभक्ति से सराबोर हुई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस मौके पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिसमें राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उत्साह से भरे इन कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सपन अस्थाना ने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश छिमवाल, परीक्षा नियंत्रक केके शुक्ला, डीन अकादमिक नीरज जैन समेत सभी विभागों के डीन, डिप्टी डीन, फैकल्टी, स्टाफ और स्टूडेंट्स मौजूद रहे।