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इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के नए अवसर खोलेंगे InvITs और REITs

बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार के साथ मजबूत वित्तीय अनुशासन का सफल मॉडल बना उत्तर प्रदेश : दीपक कुमार

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026 में प्रदेश ने देश के सबसे तेजी से उभरते आर्थिक एवं अवस्थापना केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई। लखनऊ के एक होटल में आयोजित इस कॉन्क्लेव में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने औद्योगिक निवेश, परिसंपत्ति मुद्रीकरण तथा उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

“उत्तर प्रदेश : भारत की विकास यात्रा का इंफ्रास्ट्रक्चर इंजन” विषय पर मुख्य वक्तव्य देते हुए प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने कहा कि विश्वस्तरीय अवस्थापना, निवेश-अनुकूल नीतियां और सशक्त प्रशासन राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने साबित किया है कि तेज विकास और मजबूत वित्तीय अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं। एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक परियोजनाओं में बड़े निवेश के बावजूद राज्य राजस्व अधिशेष बनाए हुए है तथा राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के लगभग 2 प्रतिशत तक सीमित है।

उन्होंने बताया कि मजबूत कनेक्टिविटी के दम पर उत्तर प्रदेश आज देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। वर्तमान में यहाँ 9 एक्सप्रेसवे क्रियाशील हैं और 13 अन्य पर काम जारी है। इसके अलावा, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित 21 हवाई अड्डे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को न सिर्फ निर्बाध कनेक्संटिविटी दे रहे हैं, बल्कि उनकी लॉजिस्टिक्स लागत को भी घटा रहे हैं।

दीपक कुमार ने कहा कि 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से राज्य निवेशकों को अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान कर रहा है। उन्होंने अवस्थापना, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) और एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) जैसी पहलें उद्यमिता, रोजगार और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दे रही हैं।

कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण “एसेट क्रिएशन से एसेट मॉनेटाइजेशन तक उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को गति देने में InvITs (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) और REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) की भूमिका” विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल रहा। जिसकी अध्यक्षता इन्वेस्ट यूपी एवं यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने की। चर्चा में एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा तथा शहरी वाणिज्यिक परिसंपत्तियों के लिए दीर्घकालिक घरेलू एवं वैश्विक पूंजी जुटाने पर विचार किया गया।

श्री आनंद ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर), यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तथा प्रस्तावित सिंगापुर सिटी और जापान सिटी की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निवेश को आकर्षित कर नए औद्योगिक विकास गलियारे का निर्माण करेंगी।

“फाइनेंसिंग द ट्रिलियन डॉलर विजन” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में उन्होंने राज्य के तीव्र इंफ्रास्ट्रक्चर परिवर्तन, निवेशक-अनुकूल नीतियों, ‘निवेश मित्र 3.0’ पोर्टल तथा समर्पित कंट्री एवं GCC डेस्क की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और उत्तर प्रदेश घरेलू व वैश्विक निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है।

इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी एवं यूपीईडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने “फ्यूचर-रेडी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम” विषय पर आयोजित सत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से निवेश और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है तथा रक्षा गलियारा औद्योगिक विकास, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और उच्च-मूल्य निवेश को बढ़ावा दे रहा है।

कॉन्क्लेव ने वैश्विक निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश केवल विश्वस्तरीय अवस्थापना का निर्माण ही नहीं कर रहा, बल्कि ऐसा भविष्य-उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित कर रहा है जहां पूंजी, नवाचार और उद्योग मिलकर सतत विकास की नई कहानी लिख सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।