Wednesday , May 20 2026

शुभेंदु सरकार के त्वरित निर्णयों से उभरता नया बंगाल

(मृत्युंजय दीक्षित)

बंगाल में 69 वर्षों के अथक संघर्ष के बाद बनी  शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के अनुरूप काम पर लग गई है। सत्ता परिवर्तन होते ही सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद करवाए गए। अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर एक्शन के आदेश जारी हुए। सभी विद्यालयों में अब सम्पूर्ण वंदेमातरम का गायन अनिवार्य कर दिया गया है । सड़कों पर नमाज व अन्य धार्मिक गतिविघियों पर पाबंदी लगा दी गई है। सीमा पर फेंसिंग के लिए सीमा सुरक्षा बल को जगह दे दी गई है और सम्पूर्ण भूमिहस्तांतरण निर्णय के 45 दिन में पूरा हो जाएगा। चिकन नेक क्षेत्र केंद्र को सौंप दिया गया है। धार्मिक आधार पर चलने वाली योजनाएं जैसे इमामों को वेतन बंद कर दिया गया है। आर.जी.कर केस की फाइल दोबारा खुलने के आदेश हो गए हैं। आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय जन कल्याण योजनाएं अब बंगाल पहुँच रही हैं।

शुभेंदु सरकार की गति और संकल्प सिद्धि के प्रयासों से जुड़े निर्णयों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगा  है। हालत यह हो गई है पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी  का डायमंड हार्बर मॉडल  का पुष्पा ”जहागीर खान” बहाना बनाकर फलटा विधानसभा उपचुनाव में ठीक उसी समय पलटा मारकर  कर भाग गया जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार को विजयी बनने के लिए रोड शो निकाल  रहे थे। यह वही क्षेत्र है जहां विधानसभा चुनावों के दौरान  ईवीएम मशीन  पर भाजपा  के चुनाव चिन्ह के आगे काला टेप लगा दिया गया था। यूपी के एक तेजतर्रार पुलिस अफसर अजय पाल शर्मा की आब्जर्वर के रूप में  नियुक्ति हुई थी जिसके बाद जहांगीर खान ने पोस्टर जारी करके अपने आप को पुष्पा बताने की जुर्रत की थी। आज वही तथाकथित पुष्पा चुनावी मैदान बीच में छोड़कर भाग खड़ा हुआ । यह भय बनाम भरोसे में भरोसे  की एक और  बड़ी जीत है। यह सब कुछ हिंदुओं की एकजुटता और उनके जागरण से ही संभव हो सका है अगर हिंदू समाज आगे भी इसी प्रकार एकजुट रहता है तो  सनातन का अपमान करने व उन्हें भयभीत करने वाले  लोग इसी प्रकार से स्वतः प्रेरणा से भागते रहेंगे। 

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के भगवावस्त्र धारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श किए थे और उनके शपथ ग्रहण में योगी जी ने अपना भगवा पटका उनके गले में डाला था तभी यह बात तय हो गई थी कि बंगाल भी उत्तर प्रदेश की तरह सांस्कृतिक पुनर्जागरण के मार्ग पर  चलने वाला है। बंगाल में भी दंगाइयों  व उत्पातियों  का इलाज यूपी की ही तरह होगा । कोलकाता के जिस थाने पर दगांइयों ने हमला करने का प्रयास किया था वहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद पहुंचे और पुलिस बलों  का मनोबल बढ़ाते हुए दंगाइयों व उपद्रवियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाने को कहा। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पुलिस पहले ममता दीदी के गुंडों से डरती थी किंतु अब समय बदल चुका है। 

शुभेंदु सरकार के बड़े निर्णयों में वर्ष 2021 के चुनावों के बाद राज्य में हुई राजनतिक हत्याओं  व हिंसक घटनाओं  की सभी फाइलें खोलना भी है जिसके कारण ममता दीदी इतनी अधिक भयभीत हो गयीं कि वह काला कोट पहनकर हाईकार्ट पहुंच गयीं और 2021 की हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए 2026 के चुनावों  के बाद घटी कुछ छुटपुट घटनाओं को सनसनीखेज बताने का असफल प्रयास किया। जब वह कोर्ट परिसर  से बाहर निकलने लगीं तब वकीलों के एक बड़े समूह  ने उन्हें घेर लिया ओैर चोर -चोर के नारे लगाए। 

बंगाल में अब सीबीआई तथा ईडी जैसे केंद्रीय जांच एजेंसियों का प्रवेश संभव हो गया है, जिससे वहां 69 वर्षों में हुए घोटालों की जांच में गति आएगी। ईडी ने टीएमसी के बड़े नेताओं को हिरासत में ले भी लिया है। शुभेंदु अधिकारी के 145 एकड़ जमीन बीएसफ को देने के ऐतिहासिक निर्णय से बांग्लादेशी घुसपैठ की रोकथाम में महत्वपूर्ण सफलता मिलने की आशा है क्योंकि बांग्लादेश से लगी हुई बंगाल की लंबी खुली सीमा से  बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठिए आसानी प्रवेश कर लेते थे। अब सीमा पर  तीव्रता के साथ फेंसिंग का कार्य होगा। 

बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए धर्म के आधार पर चलने वाली सभी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। नई सरकार ने वोटबैंक के पुराने ढर्रे को ध्वस्त करने के एजेंडे पर आगे बढ़ चुकी है। बंगाल कैबिनेट ने धर्म के आधार पर चलाई जा रही सभी वित्तीय सहायता योजनाओ को पूरी  तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। यह मात्र एक प्रशासनिक निर्णय  नहीं अपितु बंगाल की राजनीतिक दिशा को बदलने वाला वैचारिक परिवर्तन है।  चुनावी बिसात पर इमामों, मुअज्जिनों और पुरोहितों के लिए शुरू की गई मासिक भत्ता पूरी  तरह से बंद कर दिया गया है। 

बंगाल के खेल मंत्री नीशिथ प्रामाणिक ने कोलकाता के युवा भारती क्रीडांगन परिसर में लगी व लोगो वाली फुटबालर की आधी प्रतिमा को तोड़े जाने का आदेश दिया है,  बंगाल सरकार की विभिन्न वेबसाइाटो से भी इसे हटाया जा रहा है। दिसंबर 22 में अर्जेंटीना के फुटबॉलर मेसी के कार्यक्रम में मची भगदड़ और कुप्रबंधन  की जांच की जाएगी। उस घटना की फाइलें खोलने के आदेश जारी हो चुके हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी व अन्य सभी सहयोगी मंत्री यह बात लगातार कह रहे हैं कि जिन लोगों ने बंगाल को लूटा और  जनता के मन मे भय पैदा किया उन सभी पर कार्यवाही जरूर की जाएगी। 

बंगाल में  अब आयुष्मान भारत योजना सहित केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। भाजपा ने बंगाल की महिलाओं से  किए गए वादों  को भी लागू करना भी आरंभ कर दिया है। आगामी एक जून  2026 से  महिलाओं को 3000 रुपये की मासिक सहायता वाली अन्नपूर्णा योजना को भी मंजूरी दे दी गई है। बंगाल की महिलाओ को बस में फ्री यात्रा की सुविधा भी मिलने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों  के साथ किया गया 7वें वेतन आयोग का वादा भी पूरा होने जा रहा है। बंगाल मे पड़ोसी  राज्यों से ट्रकों  की आवाजाही के दौरान 100 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की जो कटमनी  टीएमसी के गुंडे वसूल रहे थे उनके अनधिकृत टोल नाके बंद किए जाने के आदेश आ चुके हैं। बंगाल का आलू अब पूरे भारत में  जाएगा।  

बंगभूमि पर वंदेमातरम की गूंज व जयश्रीराम का नारा सुनाई दे रहा है। बंगाल परिवर्तन की डगर पर चल पड़ा है। भय पर भरोसे की विजय हो रही है।

(लेखक मृत्युंजय दीक्षित स्तंभकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं)

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