नई दिल्ली : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर वे सभी नागरिकों, विशेष रूप से देशभर की पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज जमीनी स्तर के लोकतंत्र और सहभागी शासन की भावना का प्रतीक है। यह स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाता है, समावेशी विकास को मजबूत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि गांव स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में लोगों की आवाज सुनी जाए।उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण परिवर्तन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और आत्मनिर्भर तथा सुदृढ़ ‘विकसित भारत’ के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा जताई कि यह दिवस लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत करने तथा सतत विकास की दिशा में नए प्रयासों के लिए प्रेरणा बनेगा।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे ‘ग्राम उदय से भारत उदय’ का संकल्प लगातार साकार हो रहा है।गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत की प्राचीनतम लोकतांत्रिक परंपराओं में से एक पंचायत व्यवस्था हमारे लोकतंत्र की मजबूत इकाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, शासन-प्रशासन, सामाजिक न्याय, आपदा प्रबंधन और सांस्कृतिक संरक्षण तक पंचायतें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मोदी सरकार में पंचायतें और अधिक सशक्त तथा स्वावलंबी बनकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान दे रही हैं।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि वे उन सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हैं जो देशभर में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर शासन को गहरा करने में लगे हुए हैं।केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था जनभागीदारी की वह सशक्त धारा है, जो लोकतंत्र को सींचती है। गांव की चौपाल से लेकर विकास के बड़े संकल्प तक हर निर्णय में जनता की सहभागिता ही असली लोकतंत्र है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पंचायती राज, महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत नींव रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के गांवों को सशक्त बनाते हुए उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ा और पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से जनभागीदारी सुनिश्चित की।राहुल गांधी ने कहा कि पंचायती राज महिला सशक्तिकरण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अपनी पंचायत को स्वच्छ, समृद्ध, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि गांव समृद्ध हों और भारत विकसित बने।—————-
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