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गोदरेज कैपिटल ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप की वित्तीय सेवा शाखा, गोदरेज कैपिटल ने अपनी सहायक कंपनी गोदरेज फाइनेंस लिमिटेड के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ताकि उत्तर प्रदेश भर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के इकोसिस्टम को सशक्त किया जा सके। यह साझेदारी समय पर ऋण तक पहुंच में सुधार करने, उद्यम आधुनिकीकरण को सक्षम बनाने और भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते राज्यों में से एक में आर्थिक विकास का समर्थन करने के उद्देश्य से है। 

इस एमओयू के माध्यम से गोदरेज फाइनेंस और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर राज्य के 500 उच्च-क्षमता वाले ‘चैंपियन’ एमएसएमई की पहचान करेंगे और उन्हें आवश्यक ऋण सहायता प्रदान करने की दिशा में कार्य करेंगे। इस पहल का उद्देश्य छोटे व्यवसायों के लिए प्रगति के नए द्वार खोलना, रोजगार के अवसर पैदा करना और विभिन्न जिलों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, पंकज गुप्ता (एमडी एवं सीईओ, गोदरेज फाइनेंस) ने कहा, “उत्तर प्रदेश का एमएसएमई आधार अत्यंत सुदृढ़ और विविध है, जो रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस साझेदारी के माध्यम से, हमारा उद्देश्य अपनी ‘डिजिटल-फर्स्ट’ ऋण क्षमताओं को राज्य के एमएसएमई विजन के साथ एकीकृत करना है। ताकि उच्च-क्षमता वाले एमएसएमई, महिला उद्यमियों और युवाओं को सशक्त बनाया जा सके। हमारा मुख्य उद्देश्य समय पर ऋण की उपलब्धता को ठोस प्रगति में बदलना है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यम तीव्र गति, व्यापक विस्तार और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।” 

एमओयू का एक प्रमुख स्तंभ महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों पर इसका जोर है। उत्तर प्रदेश सरकार, गोदरेज कैपिटल द्वारा महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वित्तीय समाधान ‘आरोही लोन’ के माध्यम से ऋण समर्थन प्रदान करने के रास्तों का अन्वेषण करेगी। ये चयनित ऋण सुविधाएं महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने और औपचारिक ऋण इकोसिस्टम में समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

गोदरेज फाइनेंस एमएसएमई को तेज़, डिजिटल-फर्स्ट ऋण समाधान प्रदान करेगा। जिसमें तीन दिनों के भीतर बिना-सुरक्षा ऋणों की स्वीकृति और सात दिनों के भीतर सुरक्षा-युक्त ऋणों की स्वीकृति शामिल है। एक सहज, पूर्णतः डिजिटल वितरण प्रक्रिया पारदर्शिता, गति और सुविधा सुनिश्चित करेगी। जिससे समय पर वित्तपोषण तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा।