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50% प्लेन में बार-बार आ रही खराबी, इंडिगो-एयर इंडिया की हालत सबसे ज्यादा खराब, लोकसभा में डराने वाला खुलासा

भारतीय एयरलाइनों के 50 फीसदी विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी आ रही है। यह खुलासा संसद में सिविल एविएशन मिनिस्टर ने किया। गुरुवार को लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जनवरी से छह निर्धारित एयरलाइनों के 754 विमानों की जांच की गई, जिनमें से 377 विमानों में लगातार खराबी पाई गई। सबसे ज्यादा खराब हालत इंडिगो और एयर इंडिया के विमानों की रही।इंडिगो एयरलाइन के 405 विमानों में से 148 में बार-बार खराबी पाई गई, जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 267 विमानों की जांच में 191 में लगातार खराबी मिली। एयर इंडिया के 72 फीसदी विमानों में गड़बड़ी पाई गई, जिसमें 166 विमानों में से 137 में समस्याएं देखी गईं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों में से 54 में यह समस्या पाई गई। इसके अलावा, स्पाइसजेट के 43 विमानों में 16 और अकासा एयर के 32 विमानों में 14 में बार-बार खराबी दर्ज हुई।एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि विमानों में बढ़ी खराबियों की संख्या व्यापक और सख्त जांच का नतीजा है। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकांश समस्याएं डी कैटेगरी की हैं, जैसे सीटें, ट्रे टेबल और स्क्रीन आदि, जो विमान की सुरक्षा से सीधे संबंधित नहीं हैं।इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए ने भी जांच तेज कर दी है। मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि नियामक ने नियोजित निगरानी के तहत 3,890 निरीक्षण, 56 नियामक ऑडिट, 84 विदेशी विमानों की जांच और 492 रैंप निरीक्षण किए। अनियोजित निगरानी में 874 स्पॉट चेक और 550 रात्रि निरीक्षण शामिल हैं। कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए डीजीसीए के स्वीकृत तकनीकी पदों की संख्या 637 से बढ़ाकर 1,063 कर दी गई है।सरकार का कहना है कि यह कदम विमानों की सुरक्षा और संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है और लगातार निगरानी और जांच से भविष्य में किसी भी तकनीकी खामी को समय रहते ठीक किया जाएगा।