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एमसेफ इक्विपमेंट्स की स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

नई दिल्ली : सेफ्टी इक्वीपमेंट्स बनाने वाली कंपनी एमसेफ इक्विपमेंट्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 123 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 17.07 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 144 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर टूट 136.80 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गिर गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक 11.22 प्रतिशत के फायदे में हैं।एमसेफ इक्विपमेंट्स का 66 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 से 30 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 166.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्‌यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 117.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्‌यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 308.23 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 133.16 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 54 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा दस लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्‌द्देश्यों में करेगी।कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.65 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.55 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 13.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 10.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 29.71 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 48.34 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 71.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 49.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 20.37 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 25.87 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 32.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 37.67 करोड़ रुपये हो गया था।इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 5.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.64 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 24.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 20.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 9.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 15.12 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 26.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ये 19.21 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।