अयोध्या (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अयोध्या आने वाले राम भक्तों का हार्दिक अभिनंदन करने के लिए भरत द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना में से एक यह भव्य प्रवेश द्वार अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) गेट कॉम्प्लेक्स (टी०एफ०सी०) क्षेत्र में बनाया जा रहा है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई द्वारा कार्य संपन्न किया जा रहा है।
भरत द्वार का निर्माण 4.410 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 2024.90 लाख रुपये है। वर्तमान में इस परियोजना का करीब 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अगले माह यानी फरवरी 2026 तक सभी निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य है, और इसी माह के आस पास ही इसका लोकार्पण संभव है। यह द्वार अयोध्या नगरी में प्रवेश करने वाले राम भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए प्रथम स्वागत स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां भगवान राम के छोटे भाई भरत की भक्ति और मर्यादा का प्रतीकात्मक स्वागत होगा।
छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित बन रहे द्वार
योगी सरकार ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्व स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें अयोध्या से जुड़ने वाले प्रमुख छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण शामिल है। इनमें राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार जैसे नाम शामिल हैं। अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित भरत द्वार इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह द्वार न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक होगा, बल्कि इसमें रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, नक्काशी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी होंगी, जो आने वाले तीर्थयात्रियों को त्रेता युग की याद दिलाएंगी।
मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। लाखों-करोड़ों राम भक्त प्रतिदिन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर के प्रवेश द्वारों को भव्य बनाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भरत द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक मजबूत कदम है। भरत जी की राम भक्ति की मिसाल को जीवंत करते हुए यह द्वार राम भक्तों का भावनात्मक रूप से अभिनंदन करेगा।
आस पास बुनियादी सुविधाएं भी की जा रहीं विकसित
पर्यटन विभाग की इस परियोजना में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि परंपरागत भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम हो सके। (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) क्षेत्र में चल रहे इस कार्य से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। निर्माणाधीन द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा मिलेगी।
जानिए, क्या कार्य हुआ, क्या बाकी
दो गेट, रोड, सीवर, ड्रेनेज व सिंचाई लाइन रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउण्ड्रीवाल, फायर फाइटिंग, ईएसएस का कार्य पूरा हो गया है। वहीं एसटीपी का 85 प्रतिशत, यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत, आन्तरिक विद्युतीकरण का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
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