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राष्ट्रहित सर्वोपरि, मतभेद भुलाकर एकजुट हों युवा: डॉ. उमेश गौतम

बरेली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बरेली के मेयर एवं इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. उमेश गौतम ने बरेली में पहली बार आयोजित हो रहे रोहेलखंड यूथ पार्लियामेंट 2026 में युवा प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से नेतृत्व के केंद्र में राष्ट्रहित, एकता और जिम्मेदारी को रखने का आह्वान किया। “शिक्षित भारत: विकसित भारत 2047 की आधारशिला” विषय पर आयोजित यूथ पार्लियामेंट में युवाओं ने लोकतंत्र, नेतृत्व, शिक्षा और विकसित भारत 2047 की दिशा में देश की यात्रा को आकार देने में अपनी भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

डॉ. गौतम ने कहा कि आज यूथ पार्लियामेंट में भाग ले रहे युवा ही कल के नेतृत्वकर्ता होंगे। युवा भारतीयों को ऐसे मंच उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, जहां वे अपने विचार व्यक्त कर सकें, अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझ सकें और देश के भविष्य में योगदान देने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी विकसित कर सकें।

डॉ. उमेश गौतम ने कहा, जब बात राष्ट्र की हो, तो हमें हमेशा एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। हमारे विचार और दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जब देश की बात हो तो हमें अपने मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। आज यहां बैठे युवा ही हमारे भविष्य के नेता हैं और भारत को आगे ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों और दृष्टिकोणों के लिए हमेशा स्थान होता है और आने वाले समय में नेता अलग-अलग विचारधाराओं एवं पक्षों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। लेकिन जो बात सभी के बीच समान रहनी चाहिए, वह है भारत और उसकी प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता।

यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. गौतम ने कहा कि ऐसे मंच युवाओं को प्रारंभिक स्तर पर लोकतांत्रिक संवाद की भावना को समझने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें यह सीखने में मदद मिलती है कि नेतृत्व केवल अपने विचार व्यक्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों की बात सुनना और उनके दृष्टिकोण का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आने वाले वर्षों में युवाओं की भागीदारी से जुड़े ऐसे प्रयासों को और बड़े स्तर तक ले जाने की संभावनाओं पर भी बात की।

उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को अवसर प्रदान करने वाली ऐसी पहलें भविष्य में भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने और वैश्विक स्तर पर संवाद करने के अवसर भी प्रदान कर सकती हैं। विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य से अपने संदेश को जोड़ते हुए डॉ. गौतम ने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि देश की युवा पीढ़ी को किस प्रकार शिक्षित, सशक्त और नेतृत्व के लिए तैयार किया जाता है।

उन्होंने प्रतिभागियों से नेतृत्व को केवल पद और प्रतिष्ठा के रूप में न देखने, बल्कि इसे समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी के रूप में समझने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से जागरूक रहने, रचनात्मक रूप से भागीदारी करने, विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों का सम्मान करने तथा अपने निर्णयों में राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

रुहेलखंड यूथ पार्लियामेंट ने युवा प्रतिभागियों को लोकतांत्रिक विमर्श का अनुभव प्राप्त करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और जिम्मेदार नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण की अपनी समझ को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। डॉ. गौतम ने अपने संबोधन के समापन पर दोहराया कि विचार और मत अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन भारत के प्रति प्रतिबद्धता ही देशवासियों को हमेशा एकजुट रखनी चाहिए।