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क्रिप्टो निवेशकों के लिए बड़ी खबर, आईडीएल पर 1 अरब डॉलर तक के इंश्योरेंस की तैयारी

कानपुर (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एआई आधारित डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस इकोसिस्टम इन्फिनिटी डीएओ  अपने आईडीएल टोकन और पूरे इकोसिस्टम के लिए करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर तक की इंश्योरेंस प्रोटेक्शन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगर प्रस्तावित बीमा कार्यक्रम अंतिम रूप से स्वीकृत और लागू होता है, तो यह डिजिटल एसेट सेक्टर में जोखिम प्रबंधन और संस्थागत विश्वसनीयता की दिशा में एक अहम पहल मानी जा सकती है।

प्रस्तावित इंश्योरेंस प्रोग्राम की अंतिम पॉलिसी, अंडरराइटिंग की शर्तें, कवरेज लिमिट और एक्सक्लूजन अभी अंतिम रूप से तय होने हैं। यह व्यवस्था ब्रिटेन स्थित एक विशेषज्ञ क्रिप्टो इंश्योरेंस सिंडिकेट के जरिए तैयार की जा रही है। पांच प्रमुख जोखिमों पर सुरक्षा का फोकस इन्फिनिटी डीएओ की प्रस्तावित इंश्योरेंस व्यवस्था में मुख्य रूप से पांच क्षेत्रों को शामिल करने की योजना है। 

टोकन डिफॉल्ट प्रोटेक्शन : पॉलिसी में परिभाषित विशेष परिस्थितियों में आईडीएल टोकन से जुड़े डिफॉल्ट जोखिमों के लिए सुरक्षा।

प्लेटफॉर्म डिफॉल्ट प्रोटेक्शन : इन्फिनिटी डीएओ प्लेटफॉर्म या उसके इकोसिस्टम में परिभाषित विफलता अथवा बीमित डिफॉल्ट की स्थिति में कवरेज।

क्राइम और डिजिटल एसेट चोरी : चोरी, साइबर अपराध, अनधिकृत तरीके से डिजिटल एसेट हटाए जाने और पॉलिसी में शामिल अन्य संबंधित घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा।

डायरेक्टर्स एंड ऑफिसर्स (डी एण्ड ओ) प्रोटेक्शन : योग्य निदेशकों और अधिकारियों को पॉलिसी के दायरे में आने वाले प्रबंधन संबंधी दावों से सुरक्षा, जिसमें वित्तीय संकट या दिवालियापन से उत्पन्न कुछ परिस्थितियां भी शामिल हो सकती हैं।

इकोसिस्टम और स्टेकहोल्डर प्रोटेक्शन : योग्य यूजर्स, स्टेकहोल्डर्स और प्लेटफॉर्म के स्वामित्व एवं प्रबंधन ढांचे से जुड़े हितों के लिए निर्धारित दायरे में अतिरिक्त बीमा सुरक्षा।

इन्फिनिटी डीएओ का आईडीएल यूटिलिटी और इकोसिस्टम टोकन पाॅलीगाॅन ब्लाॅकचेन पर संचालित होता है। कंपनी के प्रकाशित दस्तावेजों के अनुसार, इसका आर्किटेक्चर ड्यूल-टोकन इकोसिस्टम और एआई आधारित आर्थिक प्रबंधन मॉडल पर केंद्रित है। इस सिस्टम का उद्देश्य टोकन इमिशन, लिक्विडिटी, ट्रेजरी, वैल्यू रीसाइक्लिंग और प्रोटोकॉल की दीर्घकालिक स्थिरता को मैनेज करना है। इसके प्रोटोकॉल में पांच प्रमुख मॉड्यूल बताए गए हैं।

क्वांटम एमिशन मैट्रिक्स (क्यूईएम) स्टेकिंग वेलोसिटी, लिक्विडिटी कंसंट्रेशन और ट्रेजरी रिजर्व जैसे संकेतकों के आधार पर आईडीएल टोकन इमिशन को एडजस्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। फ्लक्स लिक्विडिटी शील्ड बाजार में लिक्विडिटी की स्थिति पर नजर रखते हुए असामान्य दबाव की स्थिति में लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़े कदम उठाने के लिए बनाया गया है।

वेलोसिटी रिसाईकिल कोर (वीआरसी) ट्रांजैक्शनल गतिविधियों के कुछ हिस्से को दोबारा स्टेकिंग लिक्विडिटी और ट्रेजरी रिजर्व में लगाने के उद्देश्य से काम करता है।वहीं हाईपर लाॅक गार्ड (एचजीएल) इमिशन और स्टेकिंग से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक इंटीग्रिटी लेयर के तौर पर काम करता है। इन्फिनिटी सस्टेनबिलिटी प्रोटोकाॅल  (आईएसपी) लिक्विडिटी, पार्टिसिपेशन और रिवॉर्ड-टू-इमिशन डायनेमिक्स का प्रेडिक्टिव एनालिसिस करने के लिए डिजाइन किया गया है।

क्रिप्टो मार्केट में इंश्योरेंस क्यों अहम? क्रिप्टो इंडस्ट्री में निवेशकों और यूजर्स को टेक्नोलॉजी, कस्टडी, साइबर सिक्योरिटी और ऑपरेशनल जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्पेशलाइज्ड डिजिटल एसेट इंश्योरेंस इन जोखिमों के कुछ हिस्से को पेशेवर इंश्योरेंस मार्केट तक ट्रांसफर करने का माध्यम बन सकता है। हालांकि, इंश्योरेंस किसी टोकन की कीमत, निवेश पर रिटर्न, लिक्विडिटी या रिडेम्पशन वैल्यू की गारंटी नहीं देता। बीमा केवल उन्हीं जोखिमों और परिस्थितियों को कवर करता है जिन्हें अंतिम पॉलिसी में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया हो। इन्फिनिटी डीएओ के लिए प्रस्तावित वन बिलियन अमेरिकी डाॅलर तक का इंश्योरेंस कवर उसके ऑन-चेन रिस्क-कंट्रोल सिस्टम के साथ एक अतिरिक्त संस्थागत सुरक्षा परत के रूप में काम कर सकता है।

14वें इंश्योर्ड टोकन का दावा कितना सही? इन्फिनिटी डीएओ का कहना है कि उसके आंतरिक आकलन के अनुसार, यदि प्रस्तावित इंश्योरेंस प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो आईडीएल दुनिया के बहुत सीमित संख्या वाले बड़े स्तर पर बीमित क्रिप्टो टोकनों में शामिल हो सकता है और संभवतः 14वां ऐसा इंश्योर्ड टोकन बन सकता है।

हालांकि, इस दावे को फिलहाल इन्फिनिटी डीएओ के मार्केट क्लेम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि दुनिया में क्रिप्टो टोकनों की इंश्योरेंस स्थिति की कोई सर्वमान्य और व्यापक वैश्विक रैंकिंग उपलब्ध नहीं है। टेक्नोलॉजी से आगे, अब रिस्क मैनेजमेंट पर जोर  इन्फिनिटी डीएओ के लिए प्रस्तावित बीमा कार्यक्रम केवल बड़ी बीमा राशि का मामला नहीं है। यह डिजिटल एसेट्स को केवल सट्टेबाजी और टोकन प्राइस के नजरिए से अलग करके उन्हें बेहतर गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट, ऑडिटेबिलिटी और संस्थागत जवाबदेही से जोड़ने की कोशिश भी है।

प्रोजेक्ट के मुताबिक, एआई आधारित प्रोटोकॉल सिस्टम आर्थिक गतिविधियों और लिक्विडिटी से जुड़े जोखिमों को मैनेज करने का प्रयास करता है, जबकि थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस संभावित बाहरी और ऑपरेशनल जोखिमों के लिए अलग सुरक्षा परत तैयार कर सकता है।अगर  वन बिलियन अमेरिकी डाॅलर का पूरा इंश्योरेंस प्रोग्राम वास्तव में बाउंड और स्वतंत्र रूप से सत्यापित होता है, तो यह  इन्फिनिटी डीएओ के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि साबित हो सकता है।