लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन की 318वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक IIA भवन में आयोजित हुई। बैठक में पिछली CEC के निर्णयों एवं उनके अनुपालन की समीक्षा के साथ प्रदेश के MSME एवं औद्योगिक विकास, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक का प्रमुख आकर्षण MSME क्षेत्र की समग्र क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर रहा। IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल के नेतृत्व में हुए इन समझौतों का उद्देश्य वोकेशनल एवं प्रोफेशनल शिक्षा, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, रोजगार सेवाओं, उद्यमिता, FPOs, ग्रामीण उद्यम एवं MSME विकास को उद्योगों से जोड़ना है।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि हरिओम (प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार) तथा पुलकित खरे (मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन) उपस्थित रहे।
ITI एवं उद्योगों के बीच मजबूत होगा Industry–Institute Connect
पहला MoU प्रशिक्षण, वोकेशनल शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा IIA के बीच हुआ। इसके माध्यम से ITIs को IIA के चैप्टर नेटवर्क से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए Apprenticeship, Placement, Industry Visits, Practical Training, Guest Lectures एवं Mentorship के अवसर विकसित किए जाएंगे। IIA Employment Services Portal के माध्यम से ITI पास-आउट युवाओं को सदस्य उद्योगों में रोजगार अवसरों से भी जोड़ा जाएगा।

UPSDM के साथ Skill-to-Employment Ecosystem
दूसरा MoU उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) एवं IIA के बीच हुआ। पुलकित खरे (मिशन निदेशक, UPSDM) की उपस्थिति में हुए इस समझौते के अंतर्गत UPSDM प्रशिक्षित युवाओं को IIA के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़कर Apprenticeship, Placement, Industry Exposure, Job Fairs एवं Practical Training के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, NCR एवं बरेली को शामिल किया गया है।
Entrepreneurship, FPO एवं Rural Enterprise को बढ़ावा
तीसरे MoU के अंतर्गत National Entrepreneurship Network/Wadhwani Foundation के Accelerate Programme के साथ IIA के सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। जिससे उद्यमिता प्रशिक्षण एवं नए Ventures को प्रोत्साहन मिलेगा।

चौथा MoU AFPO Development Council (AFDC) एवं IIA के बीच हुआ। इसके माध्यम से उद्यमिता, ग्रामीण औद्योगिकीकरण, निवेश, नवाचार, FPOs, कौशल विकास, रोजगार एवं MSME विकास को बढ़ावा देने तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के क्रियान्वयन में सहयोग किया जाएगा।
हरिओम (प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार) ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में कौशल विकास के लिए बजट, प्रशिक्षण सुविधाओं एवं संस्थागत ढांचे को निरंतर मजबूत किया है। अब प्राथमिकता कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़कर युवाओं के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना है।

उन्होंने MSMEs से ITI विद्यार्थियों को Internship एवं Apprenticeship के अवसर देने का आह्वान किया तथा प्रशिक्षण के वित्तीय पक्ष में आवश्यक सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार की कौशल विकास पहलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के प्रयास MSMEs को industry-ready skilled manpower उपलब्ध कराने और प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि Viksit Bharat @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में MSMEs की महत्वपूर्ण भूमिका है। IIA सरकार के साथ मिलकर Skill Development को Industry Demand, Apprenticeship, Internship और Employment से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये चारों MoUs केवल समझौते नहीं, बल्कि Government–Industry–Skill Institution Partnership को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का व्यावहारिक रोडमैप हैं।
बैठक में IIA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, महासचिव दीपक बजाज, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के. अग्रवाल, Immediate Past President नीरज सिंघल, Past Presidents, National Secretaries, Vice Presidents, Chapter Chairmen एवं वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में IIA Women Wing की Chairperson आनंदी अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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